Vietnam Visit पर Rahul Gandhi पर सियासी संग्राम: BJP-JD(U) ने कहा ‘Leader of Opposition नहीं, Leader of Tourism बन गए हैं’
राहुल गांधी के वियतनाम दौरे को लेकर बीजेपी और जेडीयू ने तीखा हमला बोला है। नेताओं ने उन्हें “लीडर ऑफ टूरिज़्म” बताया। जानिए पूरे राजनीतिक विवाद की विस्तृत रिपोर्ट।
Rahul Gandhi Vietnam Visit Controversy: नई दिल्ली, 3 जनवरी – लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी के वियतनाम दौरे को लेकर भारतीय राजनीति में एक बार फिर गर्माहट तेज हो गई है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (यूनाइटेड) [JD(U)] ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि वह विपक्ष के नेता की भूमिका निभाने के बजाय “पार्टी और पर्यटन के नेता” बन चुके हैं।
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BJP का तीखा हमला: ‘Permanent Vacation Mode में हैं Rahul Gandhi’
बीजेपी राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी की लगातार विदेश यात्राओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह राजनीति को गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने कहा,
“राहुल गांधी अब नेता प्रतिपक्ष नहीं रहे। वह पार्टी और टूरिज़्म के नेता बन चुके हैं। जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर दिन काम में जुटे रहते हैं, तब राहुल गांधी हमेशा वेकेशन मोड में दिखाई देते हैं।”
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पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद सत्र के दौरान भी विदेश यात्रा पर चले जाते हैं। उन्होंने पूछा कि राहुल गांधी वियतनाम और बैंकॉक जैसे देशों में आखिर किस काम से जाते हैं।
“क्या वह विदेशी ताकतों से मुलाकात करने जाते हैं या यह सिर्फ निजी छुट्टियां हैं?” — यह सवाल भी उन्होंने उठाया।
बीजेपी विधायक जितेंद्र गोठवाल ने कहा कि जब भी देश में कोई बड़ा मुद्दा सामने आता है, राहुल गांधी विदेश चले जाते हैं। उनके अनुसार, यह अब एक “पैटर्न” बन चुका है।
JD(U) और BJP नेताओं ने उठाए देशभक्ति पर सवाल
बीजेपी बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने राहुल गांधी की देश के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा,
“राहुल गांधी देश में आखिर रहते कब हैं? क्या उन्हें भारत की मिट्टी से प्रेम है?”
वहीं, JD(U) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी का भारत में होना ही अब खबर बन गया है।
“पिछले संसद सत्र में उनकी पार्टी ने उन्हें उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया था, लेकिन वह खुद को पार्टी और संविधान से ऊपर समझते हैं।”

प्रसाद ने दावा किया कि राहुल गांधी विदेश जाकर भारत के चुनावी तंत्र पर सवाल उठाते हैं, जबकि खुद देश में मौजूद नहीं रहते।
बीजेपी सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने भी कहा कि राहुल गांधी का लगाव भारत से ज़्यादा विदेशों से है और जनता जानना चाहती है कि वह देश लौटेंगे कब।
विपक्षी सुर और बचाव: ‘छुट्टी पर जाना अपराध नहीं’
हालांकि, सभी नेताओं की राय एक जैसी नहीं रही। बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने राहुल गांधी के बचाव में कहा कि किसी नेता का छुट्टी पर जाना कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं होना चाहिए।
“हजारों लोग रोज़ छुट्टियों पर जाते हैं, तो राहुल गांधी के जाने पर इतना हंगामा क्यों?” उन्होंने सवाल किया।
समाजवादी पार्टी (SP) के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा कि राहुल गांधी अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
उनका कहना था,
“प्रधानमंत्री ने विदेश यात्राओं के जरिए बड़े मुकाम हासिल किए हैं। राहुल गांधी भी कोशिश कर रहे हैं, भले ही उसका असर अभी सीमित हो।”
वर्मा ने यह भी कहा कि राहुल गांधी जहां भी जाते हैं, वहां प्रेस और जनता से संवाद करते हैं, जो लोकतंत्र के लिए ज़रूरी है।



