रीवा(Rewa) में कलेक्टर का ‘रौद्र रूप’:सुबह-सुबह दफ्तरों में मचा हड़कंप!

रीवा(Rewa) कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी(Narendra Kumar Suryavanshi) के अचानक दफ्तर पहुँचने से मचा हड़कंप। अनुपस्थित कर्मचारियों पर गिरी गाज, वेतन काटने के साथ दी निलंबन की चेतावनी। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

रीवा।अक्सर सरकारी दफ्तरों में ‘साहब अभी आए नहीं हैं’ या ‘साहब लंच पर गए हैं’ जैसे जुमले सुनने को मिलते हैं,लेकिन रीवा(Rewa) जिले में अब यह खेल खत्म होने वाला है। रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी(Narendra Kumar Suryavanshi) ने प्रशासनिक व्यवस्था की ‘जंग लगी’ मशीनरी को साफ करने के लिए खुद कमान संभाल ली है। उनके एक औचक निरीक्षण ने पूरे जिले के गलियारों में सस्पेंस और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
आखिर उस सुबह ऐसा क्या हुआ कि देखते ही देखते दफ्तरों के दरवाजे बंद होने लगे और कर्मचारियों के पसीने छूट गए? आइए जानते हैं इस पूरी कार्रवाई की इनसाइड स्टोरी।

जब बिन बताए ‘बॉस’ पहुँच गए दरवाजे पर: खाली कुर्सियाँ देख बिगड़ा पारा
रीवा(Rewa) की जनता के काम समय पर हों, इसके लिए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी(Narendra Kumar Suryavanshi) ने एक मास्टर प्लान तैयार किया। बिना किसी पूर्व सूचना के, कलेक्टर का काफिला अचानक उद्यानिकी, कृषि और शिक्षा विभाग के दफ्तरों के बाहर जा रुका।
जैसे ही वे अंदर दाखिल हुए, नजारा हैरान करने वाला था। घड़ी की सुइयां दफ्तर लगने का समय बता रही थीं, लेकिन कई मेजें खाली पड़ी थीं। रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी(Narendra Kumar Suryavanshi) की सख्त कार्रवाई की शुरुआत यहीं से हुई। जब फाइलों पर जमी धूल और कर्मचारियों की अनुपस्थिति सामने आई, तो कलेक्टर की नाराजगी सातवें आसमान पर पहुँच गई। उन्होंने रजिस्टर मंगाया और जो नहीं मिले, उनके नाम पर लाल स्याही फिर गई।

वेतन कटा और सस्पेंशन की तलवार: लापरवाही अब पड़ेगी भारी
निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले कर्मचारियों को लगा होगा कि शायद कोई बहाना चल जाएगा, लेकिन श्री सूर्यवंशी का मिजाज कुछ और ही था। उन्होंने मौके पर ही कड़े आदेश जारी करते हुए अनुपस्थित कर्मचारियों के वेतन काटने के निर्देश दे दिए।
कलेक्टर ने विभाग प्रमुखों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यह तो बस शुरुआत है। उन्होंने साफ कहा-“अगर काम की चोरी हुई, तो अगली बार सिर्फ वेतन नहीं कटेगा, बल्कि सीधे निलंबन (Suspension) की कार्रवाई होगी।” इस आदेश के बाद से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है। अब कर्मचारी समय से पहले दफ्तर पहुँचने की जुगत लगा रहे हैं।

आम आदमी की फाइल अब नहीं दबेगी: बदली जाएगी कार्य संस्कृति
इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सिर्फ सजा देना नहीं, बल्कि व्यवस्था को सुधारना है। कलेक्टर सूर्यवंशी ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाएं फाइलों में बंद रहने के लिए नहीं, बल्कि जनता तक पहुँचने के लिए हैं।
उन्होंने सख्त निर्देश दिए हैं कि:
समयबद्धता: हर कर्मचारी को निर्धारित समय पर अपनी सीट पर होना होगा।
प्राथमिकता: आम नागरिकों की समस्याओं और आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर होगा।
जवाबदेही: यदि कोई फाइल बेवजह रुकी पाई गई, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

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निष्कर्ष:
रीवा कलेक्टर की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि जिले में अब ‘चलता है’ वाला रवैया नहीं चलेगा। रीवा कलेक्टर की सख्त कार्रवाई ने उन लापरवाह कर्मचारियों की नींद उड़ा दी है जो सरकारी नौकरी को आराम का जरिया समझते थे। जनता इस कदम की सराहना कर रही है, क्योंकि अब उम्मीद जागी है कि सरकारी दफ्तरों में उनके काम बिना चक्कर लगाए पूरे होंगे।

Neeraj Tiwari

नीरज तिवारी एक अनुभवी और प्रतिबद्ध पत्रकार हैं, जो वर्ष 2018 से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वर्तमान में वे वर्ष 2023 से Nation TV में सीनियर रिपोर्टर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वे अपनी सटीक रिपोर्टिंग और ग्राउंड लेवल कवरेज के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले, उन्होंने वर्ष 2018 से 2022 तक संवाद टीवी में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रभावशाली रिपोर्टिंग की। अपने करियर के दौरान नीरज ने ABP News सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम करते हुए पत्रकारिता के विविध आयामों को नजदीक से समझा और अनुभव हासिल किया। नीरज तिवारी ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री प्राप्त की है। उनकी रिपोर्टिंग में तथ्यपरकता, निष्पक्षता और समाज के प्रति जिम्मेदारी साफ झलकती है।

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