Rewa में ‘कड़क’ राज की शुरुआत? नए कलेक्टर सूर्यवंशी ने संभाला मोर्चा,फाइलें खुलते ही मचेगा हड़कंप!
रीवा(Rewa) में प्रशासनिक फेरबदल! 2012 बैच के तेजतर्रार IAS नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी(Narendra Kumar Suryavanshi) ने संभाला रीवा कलेक्टर का पदभार। जानें उनके कड़क अंदाज़ और बैतूल-रतलाम के उनके रिकॉर्ड के बारे में, जिससे भू-माफियाओं में हड़कंप है।

रीवा। विंध्य की धरती और सफेद शेरों के गढ़ ‘रीवा'(Rewa) में एक नई प्रशासनिक पारी की शुरुआत हो चुकी है। 12 अप्रैल की तारीख रीवा के इतिहास में एक बड़े बदलाव के रूप में दर्ज हो गई। 2012 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अनुभवी अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी(Narendra Kumar Suryavanshi) ने आधिकारिक तौर पर रीवा जिले के नए कलेक्टर के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। लेकिन सवाल यह है कि उनके आने से रीवा की सूरत कितनी बदलेगी?
बैतूल और रतलाम का वो खौफनाक रिकॉर्ड: क्या रीवा में भी चलेगा ‘चाबुक’?
नवागत कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी(Narendra Kumar Suryavanshi) का नाम सुनते ही प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। रीवा(Rewa) आने से पहले श्री सूर्यवंशी बैतूल जिले के कलेक्टर थे। वहां उनके काम करने के अंदाज ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। इससे पहले रतलाम में भी उन्होंने जिस तरह से अतिक्रमण और भू-माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोला था, उसे आज भी याद किया जाता है।
प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि सूर्यवंशी उन अधिकारियों में से हैं जो दफ्तर में बैठकर फाइलें निपटाने के बजाय ‘फील्ड’ पर उतरकर एक्शन लेने में यकीन रखते हैं। ऐसे में रीवा के उन विभागों में हड़कंप मचना तय है, जहाँ भ्रष्टाचार और सुस्ती की शिकायतें आम थीं।
विंध्य की चुनौतियां और सूर्यवंशी का मास्टर प्लान
रीवा(Rewa) जिले की कमान संभालना किसी चुनौती से कम नहीं है। एक तरफ विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने का दबाव है, तो दूसरी तरफ कानून व्यवस्था और आम जनता की समस्याओं का अंबार। पदभार ग्रहण करते ही श्री सूर्यवंशी के तेवर साफ दिखे। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि शासन की जनहितैषी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचना ही उनकी पहली प्राथमिकता होगी।
उनके पुराने रिकॉर्ड को देखें तो वे शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर खास फोकस करते हैं। रीवा के लोगों को उम्मीद है कि अब सालों से अटके हुए प्रोजेक्ट्स में तेजी आएगी और कलेक्ट्रेट के चक्कर काटने वाले आम आदमी की सुनवाई सीधे होगी।
कौन हैं IAS नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी?
2012 बैच के आईएएस अधिकारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी(Narendra Kumar Suryavanshi) मध्य प्रदेश कैडर के उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्हें ‘रिजल्ट ओरिएंटेड’ माना जाता है। मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रशासनिक पदों पर रहते हुए उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। रतलाम और बैतूल के कलेक्टर के तौर पर उनका कार्यकाल न केवल सफल रहा, बल्कि जनता के बीच उनकी लोकप्रियता भी बढ़ी।
अब रीवा(Rewa) की जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ‘सूर्यवंशी’ का सूरज विंध्य की इस धरा पर कितनी चमक बिखेरता है। क्या वे रीवा के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे या फिर पुरानी समस्याओं के चक्रव्यूह में उलझ कर रह जाएंगे?
लेखक की राय:-
रीवा(Rewa) को अक्सर एक शांत दिखने वाला लेकिन राजनीतिक रूप से बेहद सक्रिय जिला माना जाता है। यहाँ एक ऐसे कलेक्टर की जरूरत थी जो नियमों का पक्का हो और जिसमें त्वरित निर्णय लेने की क्षमता हो। नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड बताता है कि वे रीवा की नब्ज को समझने में ज्यादा वक्त नहीं लेंगे। आने वाले कुछ दिन यह साफ कर देंगे कि रीवा के भ्रष्ट तंत्र पर उनकी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ कब शुरू होती है।



