पश्चिम बंगाल में प्रचार करने पहुंचे अमित शाह,चौतरफा घिरे
पश्चिम बंगाल(West Bengal) में चुनाव से पहले अमित शाह(Amit Shah) का दौरा, टीएमसी के तीखे हमले और बढ़ता सियासी घमासान। जानिए पूरी रिपोर्ट।

पश्चिम बंगाल(West Bengal) में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर अपने चरम पर पहुंच चुका है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह(Amit Shah) का हालिया बंगाल दौरा अब चर्चा के केंद्र में आ गया है।
जहां एक तरफ उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का विज़न पेश करते हुए मेनिफेस्टो जारी किया, वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress (टीएमसी) ने उन पर तीखे हमले बोल दिए। हालात ऐसे बन गए हैं कि शाह का यह दौरा राजनीतिक विवाद में घिरता नजर आ रहा है।
मेनिफेस्टो जारी… और शुरू हुआ सियासी हमला
बंगाल में बीजेपी अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। इसी रणनीति के तहत अमित शाह ने चुनावी मेनिफेस्टो जारी कर राज्य की जनता को कई बड़े वादे किए।
लेकिन जैसे ही यह घोषणा हुई, टीएमसी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। पार्टी का आरोप है कि बीजेपी केवल मुद्दों को उछालती है, लेकिन उनके समाधान को लेकर ठोस कदम नहीं उठाती।
‘कोयला माफिया कनेक्शन’ पर बड़ा आरोप
टीएमसी ने सबसे बड़ा हमला उस कथित तस्वीर को लेकर किया, जिसमें अमित शाह को कथित तौर पर कोयला माफिया सरगना जयदेव खान के साथ देखा गया। पार्टी का दावा है कि बाद में उसे औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल भी किया गया।
हालांकि बीजेपी की ओर से इस आरोप पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस मुद्दे ने सियासत को और गर्मा दिया है।\
Read It….5 राज्यों के चुनाव के बीच EVM पर कोर्ट ने सुना दिया बड़ा आदेश
घुसपैठ और सुरक्षा पर भी उठे सवाल
टीएमसी ने अमित शाह के कार्यकाल को निशाने पर लेते हुए घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों को उठाया। पार्टी का कहना है कि अगर देश में अवैध घुसपैठ हो रही है, तो इसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर गृह मंत्रालय पर आती है।
टीएमसी ने यह भी सवाल उठाया कि जांच एजेंसियों और चुनाव आयोग द्वारा अब तक विदेशी घुसपैठियों के सत्यापित आंकड़े सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए।
इसके अलावा, पार्टी ने हाल के आतंकी घटनाओं का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।
क्या बीजेपी के लिए मुश्किल बन रहा है बंगाल?
इन तमाम आरोपों के बाद बंगाल की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। बीजेपी जहां सत्ता में आने के लिए पूरी ताकत लगा रही है, वहीं टीएमसी लगातार हमलावर रुख अपनाकर उसे घेरने में जुटी हुई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप चुनावी माहौल को और ज्यादा गरमा सकते हैं। साथ ही यह भी तय है कि आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच यह टकराव और तेज होगा।
निष्कर्ष: चुनाव से पहले बढ़ेगा टकराव
पश्चिम बंगाल का चुनाव हमेशा से हाई-वोल्टेज माना जाता है, और इस बार भी कुछ अलग होता नजर नहीं आ रहा। अमित शाह(Amit Shah) का दौरा जहां बीजेपी के लिए रणनीतिक कदम था, वहीं टीएमसी ने इसे अपने हमलों का बड़ा मौका बना लिया।
अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता इस सियासी जंग में किस पर भरोसा जताती है।



