मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के आसार! DGCA ने 11 देशों को घोषित किया ‘नो फ्लाई जोन’, एयर इंडिया समेत कई उड़ानें रद्द; क्या आपका भी है सफर?

मिडिल ईस्ट में ईरान-इजरायल तनाव के बीच DGCA ने 11 देशों के एयरस्पेस को खतरनाक घोषित किया है। एअर इंडिया और इंडिगो समेत कई एयरलाइंस ने उड़ानें रद्द कीं। जानिए किन देशों के ऊपर से नहीं उड़ेंगे विमान और यात्रियों के लिए क्या हैं नई गाइडलाइन्स।

DGCA Airspace Advisory Middle East Crisis 2026: पूरी दुनिया की नजरें इस वक्त मिडिल ईस्ट (Middle East) पर टिकी हैं। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने न केवल कूटनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि वैश्विक विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) को भी हिला कर रख दिया है। DGCA airspace advisory Middle East crisis 2026 के तहत भारतीय नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 11 देशों के हवाई क्षेत्र को ‘असुरक्षित’ घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद भारत से पश्चिम की ओर जाने वाली हवाई सेवाओं पर गहरा संकट मंडरा रहा है। एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी दिग्गज कंपनियों ने अपनी उड़ानें या तो रद्द कर दी हैं या उनके रूट बदल दिए हैं।

इन 11 देशों के एयरस्पेस पर लगा ‘रेड सिग्नल’: DGCA की सख्त चेतावनी

मिडिल ईस्ट में युद्ध की भयावह स्थिति को देखते हुए DGCA ने भारतीय एयरलाइंस के लिए एक विस्तृत एडवायजरी जारी की है। इस एडवायजरी के अनुसार, भारतीय विमान अब उन क्षेत्रों से नहीं गुजरेंगे जहां मिसाइल हमलों या सैन्य गतिविधियों का खतरा है। इन देशों के हवाई क्षेत्र (Airspace) से बचने की सलाह दी गई है:

DGCA Airspace Advisory Middle East Crisis 2026
DGCA Airspace Advisory Middle East Crisis 2026
  • ईरान
  • इजरायल
  • लेबनान
  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
  • सऊदी अरब
  • बहरीन
  • ओमान
  • इराक
  • जॉर्डन
  • कुवैत
  • कतर

यह प्रतिबंध फिलहाल 2 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा। DGCA ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय यूरोपीय संघ की एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) के ‘कॉन्फ्लिक्ट जोन बुलेटिन’ और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के आधार पर लिया गया है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

उड़ानें रद्द और रूट डायवर्ट: यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

जैसे ही एयरस्पेस बंद होने की खबर आई, आसमान में उड़ रहे विमानों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट्स पर देखा गया कि कई विमान बीच रास्ते से ही वापस लौट रहे हैं।

  • एअर इंडिया (Air India): दिल्ली से तेल अवीव के लिए रवाना हुई उड़ान को सुरक्षा कारणों से बीच रास्ते से ही मुंबई डायवर्ट कर दिया गया।
  • हवाई अड्डों पर असर: अकेले मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार शाम तक लगभग 57 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गईं।
  • प्रमुख एयरलाइंस: इंडिगो, एअर इंडिया एक्सप्रेस, आकासा एयर और स्पाइसजेट ने अपनी मिडिल ईस्ट जाने वाली सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित (Suspend) कर दिया है।

अमृतसर और दिल्ली जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों ने यात्रियों के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर और एडवायजरी जारी की है। विमानन कंपनियों ने घोषणा की है कि जो यात्री इस संकट के कारण प्रभावित हुए हैं, उन्हें टिकट रीशेड्यूलिंग और कैंसिलेशन चार्ज में पूरी छूट दी जाएगी।

इसे भी पढें: अभी तो सिर्फ ‘कबाड़’ दागा है, असली तबाही दिखना बाकी! ईरान की चेतावनी से कांपी दुनिया; ट्रंप को भी दिया दो टूक जवाब

सरकार एक्शन मोड में: नागरिक उड्डयन मंत्री ने ली हाई-लेवल मीटिंग

मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात और भारतीय यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI), एयरलाइंस के प्रतिनिधियों और सुरक्षा एजेंसियों ने हिस्सा लिया। “हमारी प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा है। हम रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन के जरिए स्थिति पर नजर रख रहे हैं। एयरलाइंस को निर्देश दिए गए हैं कि वे यात्रियों को हर छोटे-बड़े बदलाव की जानकारी दें और वैकल्पिक रूट (Re-routing) का इस्तेमाल करें।” – नागरिक उड्डयन मंत्रालय मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ लगातार संपर्क में है। यदि खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को निकालने की आवश्यकता पड़ती है, तो उसके लिए भी ‘कंटीन्जेंसी प्लान’ तैयार किया जा रहा है। सरकारी और निजी दोनों तरह के एयरपोर्ट्स को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि इमरजेंसी लैंडिंग की स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान की जा सके।

Related Articles

Back to top button