मिडल ईस्ट में महाविनाश! दुबई-अबू धाबी पर हमले के बाद भड़का UAE, ईरान को दी ‘अंतिम चेतावनी’- क्या शुरू होगा विश्व युद्ध?

खाड़ी देशों में युद्ध की आग! दुबई और अबू धाबी पर ईरान के हमले के बाद UAE ने दी खुली चेतावनी। जानें खामेनेई की मौत और अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद कैसे बदल रहे हैं क्षेत्रीय समीकरण।

UAE Iran Conflict News 2026: दुबई/तेहरान: मध्य पूर्व (Middle East) इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु और उसके बाद अमेरिका-इजरायल के भीषण हवाई हमलों ने पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंक दिया है। लेकिन स्थिति तब और बिगड़ गई जब ईरान ने अपनी जवाबी कार्रवाई का रुख खाड़ी देशों (Gulf Countries) की ओर मोड़ दिया। दुबई और अबू धाबी जैसे सुरक्षित शहरों पर हुए हमलों ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को आक्रोशित कर दिया है, जिसके बाद UAE ने ईरान को कड़े शब्दों में ‘परिणाम भुगतने’ की चेतावनी दी है।

पाम जुमेराह और बुर्ज अल अरब पर प्रहार: दुबई में कोहराम

रविवार का दिन खाड़ी देशों के लिए किसी बुरे सपने जैसा रहा। ईरान ने न केवल इजरायल को निशाना बनाया, बल्कि बहरीन, कतर, कुवैत और UAE में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइलें और ड्रोन दागे। दुबई, जो अपनी भव्यता और पर्यटन के लिए जाना जाता है, वहां रविवार तड़के धमाकों की गूँज सुनाई दी। रिपोर्टों के अनुसार:

  • दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट: दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक को हमलों के बाद सुरक्षा कारणों से बंद करना पड़ा।
  • प्रतिष्ठित स्थल: दुबई के गौरव माने जाने वाले ‘पाम जुमेराह’ (Palm Jumeirah) और ‘बुर्ज अल अरब’ (Burj Al Arab) जैसे इलाकों के पास भी नुकसान की खबरें हैं।
  • राजधानियों में दहशत: केवल दुबई ही नहीं, बल्कि कतर की राजधानी दोहा और बहरीन की राजधानी मनामा में भी लगातार दूसरे दिन विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
UAE Iran Conflict News 2026
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अनवर गरगाश की खरी-खरी: ‘पड़ोसियों पर हमला ईरान की भारी भूल’

UAE के राष्ट्रपति के वरिष्ठ राजनयिक सलाहकार अनवर गरगाश ने ईरान के इस आक्रामक रवैये पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ किया कि खाड़ी देशों को निशाना बनाना ईरान का एक ‘गलत सैन्य अनुमान’ (Miscalculation) है। गरगाश ने अपने बयान में कहा: “ईरान को समझदारी से काम लेना चाहिए। आपका युद्ध अपने पड़ोसियों के साथ नहीं है। खाड़ी देशों के खिलाफ यह आक्रामकता केवल ईरान को दुनिया से और अधिक अलग-थलग करेगी। तर्क की ओर लौटें और अपने पड़ोसियों के साथ जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार करें, इससे पहले कि तनाव हाथ से निकल जाए।” विशेषज्ञों का मानना है कि UAE की यह चेतावनी संकेत देती है कि यदि हमले नहीं रुके, तो खाड़ी देश भी अमेरिका और इजरायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ मोर्चा खोल सकते हैं।

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खामेनेई की मौत और ट्रंप का आह्वान: कैसे बिगड़े हालात?

इस पूरे टकराव की जड़ शनिवार को हुए वे भीषण हमले हैं, जिसमें अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान के कई सैन्य ठिकानों और तेहरान स्थित खामेनेई के आवास को निशाना बनाया।

  • डोनाल्ड ट्रंप का बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आधिकारिक रूप से अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की और ईरानी जनता से अपील की कि वे ‘अपना देश वापस लें’ और वर्तमान सत्ता को उखाड़ फेंकें।
  • ईरान का शोक और प्रतिशोध: ईरान ने खामेनेई की मौत पर 40 दिनों के शोक की घोषणा की है, लेकिन साथ ही ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ (IRGC) को खुली छूट दे दी है। ईरान का दावा है कि खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकाने उनकी संप्रभुता के लिए खतरा हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

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