महायुद्ध का आगाज़! ईरान ने 8 देशों में अमेरिकी ठिकानों को मिसाइलों से दहलाया, बहरीन से दुबई तक कोहराम

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध शुरू! ईरान ने बहरीन, कतर और दुबई समेत 8 देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भीषण मिसाइल हमला किया है। जानें ट्रंप की चेतावनी और खामेनेई के घर पर हुए हमले की पूरी सच्चाई।

Iran Attack On US Bases: दुनिया इस वक्त तीसरे विश्व युद्ध (Third World War) की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है। शनिवार दोपहर मिडिल ईस्ट के आसमान में सिर्फ मिसाइलों की गड़गड़ाहट और धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। इजरायल और अमेरिका (Israel and America) द्वारा तेहरान पर किए गए हमले के जवाब में ईरान ने अब तक का सबसे बड़ा ‘पलटवार’ किया है। ईरान (Iran) की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बहरीन (Bahrain), कतर (Qatar), यूएई (UAE) और कुवैत (Kuwait) समेत कम से कम आठ देशों में फैले अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया है।

बहरीन (Bahrain) में अमेरिकी नेवी हेडक्वार्टर पर सीधा प्रहार: थर्रा उठा मिडिल ईस्ट

ईरान (Iran) की ओर से दागी गई मिसाइलों का सबसे घातक असर बहरीन में देखने को मिला। बहरीन सरकार (Bahraini government) ने आधिकारिक पुष्टि की है कि अमेरिकी नौसेना के पांचवें फ्लीट (5th Fleet) के मुख्यालय को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया है। हमले के वक्त पूरे इलाके में सायरन की आवाजें गूँज रही थीं और आसमान में धुएं का गुबार देखा गया। केवल बहरीन ही नहीं, बल्कि कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भी भारी धमाकों की खबरें हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अबू धाबी और दुबई के अंतरराष्ट्रीय केंद्रों के करीब भी जोरदार धमाके सुने गए हैं। ईरान (Iran) ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी संप्रभुता पर हुए हमले को चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेगा। ईरान (Iran) का अमेरिकी ठिकानों पर हमला इस बात का संकेत है कि अब युद्ध किसी एक सीमा तक सीमित नहीं रहने वाला है।

Iran Attack On US Bases
Iran Attack On US Bases

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान (Donald Trump’s big statement): “ईरानी जनता अपनी सरकार पर कब्जा कर ले” (“The Iranian people should take control of their government”)

इस तनाव की शुरुआत शनिवार सुबह हुई, जब अमेरिका और इजरायल (America and Israel) ने मिलकर ईरान (Iran) की राजधानी तेहरान (Tehran) पर भीषण बमबारी की। इस हमले का सबसे चौंकाने वाला लक्ष्य ईरान (Iran) के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का आवास बना। तेहरान (Tehran) के डाउनटाउन स्थित खामेनेई के कंपाउंड पर मिसाइलें गिरीं, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमले के वक्त वे वहां मौजूद थे या नहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इस सैन्य कार्रवाई के बाद एक वीडियो संदेश जारी किया। ट्रंप ने ईरानी शासन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, “47 सालों से यह शासन अमेरिका को मौत की धमकी दे रहा है। अब समय आ गया है कि ईरानी जनता इस खूनी खेल को खत्म करे।”  ट्रंप ने ईरानियों से अपील की कि वे हमलों के दौरान सुरक्षित स्थानों पर छिप जाएं और मौका मिलते ही अपनी सरकार को उखाड़ फेंकें। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका ने ईरान (Iran) के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए इस क्षेत्र में फाइटर जेट्स और युद्धपोतों का विशाल बेड़ा तैनात कर दिया है।

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हूती विद्रोहियों की एंट्री और रेड सी में बढ़ता खतरा

ईरान (Iran) के इस जवाबी हमले के बाद यमन के हूती विद्रोहियों ने भी जंग में कूदने का ऐलान कर दिया है। ईरान (Iran) समर्थित हूती कमांडरों ने संकेत दिए हैं कि वे रेड सी (लाल सागर) में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट्स और इजरायल पर फिर से हमले शुरू करेंगे। इसका सीधा मतलब है कि वैश्विक व्यापार और तेल की आपूर्ति पर अब बड़ा संकट मंडरा रहा है। मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ताकत पर संकट (US military power in the Middle East is in danger): वर्तमान में मिडिल ईस्ट के कई देशों में अमेरिकी बेस बने हुए हैं, जहां हजारों सैनिक और अत्याधुनिक हथियार तैनात हैं। ईरान ने इन ठिकानों को निशाना बनाकर अमेरिका को सीधी चुनौती दी है। कुवैत और सऊदी अरब में भी हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है क्योंकि वहां भी अमेरिकी सेना की मौजूदगी है।

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