तीसरे विश्व युद्ध की आहट? US-इजरायल का ईरान पर ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू, जानें कितने दिन चलेगी यह विनाशकारी जंग!

: क्या अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी यह जंग विश्व युद्ध का रूप लेगी? विशेषज्ञों से जानें कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' कितने दिनों तक चलेगा और इसका भारत व दुनिया पर क्या असर होगा।

US-Israel Iran War: मिडिल ईस्ट (Middle East) दहक रहा है। आज सुबह अमेरिका और इजरायल (America and Israel) ने मिलकर ईरान (Iran) पर अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त सैन्य हमला बोल दिया है। इस हमले के साथ ही दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों और कूटनीतिज्ञों के बीच एक ही सवाल गूँज रहा है- यह जंग कितने दिन चलेगी? क्या यह कुछ दिनों का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ है या हफ्तों तक चलने वाला पूर्ण युद्ध? विशेषज्ञों की मानें तो अगले 7 से 10 दिन पूरी दुनिया की किस्मत तय करने वाले हैं।

7 दिन या कई महीने (7 days or several months)? विशेषज्ञों ने समझाया ‘युद्ध का गणित’ (Experts explain the ‘mathematics of war’)

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, US-Israel vs Iran की यह जंग कितनी लंबी खिंचेगी, यह पूरी तरह ईरान के पलटवार (Response) पर निर्भर करता है।

  • शुरुआती अनुमान (3-10 दिन): अटलांटिक काउंसिल और रिटायर्ड मेजर जनरल विशंभर दयाल जैसे विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की वर्तमान तैयारी एक ‘शॉर्ट और इंटेंस’ वार के लिए है। यदि अमेरिका ईरान के कमांड सेंटर और नेतृत्व को शुरुआती 72 घंटों में पंगु बना देता है, तो यह जंग 10 दिनों के भीतर सिमट सकती है।
  • हफ्तों लंबी जंग (Weeks to Months): विदेश मामलों के जानकार वेल अवाद कहते हैं, “ईरान का रुख ‘तुमने शुरू किया, हम खत्म करेंगे’ वाला है।” यदि ईरान अपनी ‘अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी’ और ‘ड्रोन आर्मी’ का इस्तेमाल करके जवाबी हमला जारी रखता है, तो यह जंग हफ्तों या महीनों तक खींच सकती है।
  • 2025 का इतिहास: विशेषज्ञों ने याद दिलाया कि 2025 में हुई 12-दिन की जंग के मुकाबले इस बार की तैयारी कहीं अधिक भीषण है।
US-Israel Iran War
US-Israel Iran War

‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’: अमेरिका और इजरायल की महाविनाशक तैयारी

2003 के इराक युद्ध के बाद यह मिडिल ईस्ट में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा है। अमेरिका और इजरायल ने महीनों की प्लानिंग के बाद ईरान के 30 रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है।

  • अमेरिकी ताकत: यूएसएस अब्राहम लिंकन और यूएसएस जेराल्ड फोर्ड जैसे दो विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात हैं। 70 से अधिक अत्याधुनिक फाइटर जेट्स, F-22 रैप्टर्स और 108 एयर टैंकर आसमान से आग बरसा रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप का कड़ा संदेश है- “हम ईरान की मिसाइलों को मिट्टी में मिला देंगे।”
  • इजरायल का ‘प्री-एम्प्टिव’ स्ट्राइक: इजरायल ने इसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया है। इजरायली डिफेंस मिनिस्टर इजरायल काट्ज के मुताबिक, यह हमला ईरान के संभावित मिसाइल हमले को रोकने के लिए किया गया है। इजरायल के आयरन डोम और एरो डिफेंस सिस्टम हाई अलर्ट पर हैं, जबकि पूरी जनता बंकरों में शरण लिए हुए है।
  • निशाने पर कौन?: हमलों का मुख्य लक्ष्य ईरान के परमाणु प्लांट, खुफिया दफ्तर और सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई का आवास बताया जा रहा है।

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ईरान का पलटवार और ‘प्रॉक्सि वॉर’ का खतरा (Iran’s counterattack and the threat of a proxy war)

ईरान भले ही सैन्य तकनीक में पीछे दिखे, लेकिन उसकी ‘असिमेट्रिक वारफेयर’ (Asymmetric Warfare) की क्षमता डराने वाली है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने स्पष्ट कर दिया है कि वे जंग और शांति दोनों के लिए तैयार हैं।

  • मिसाइल सिटी और प्रॉक्सी: ईरान के पास जमीन के नीचे छिपी मिसाइलों का भंडार है। उसने बहरीन, कुवैत और कतर जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागनी शुरू कर दी हैं। साथ ही, हूती (Houthis) और हिज्बुल्लाह (Hezbollah) जैसे गुट इस जंग को बहु-आयामी बना सकते हैं।
  • तेल की राजनीति: विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को बंद कर सकता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति ठप हो जाएगी और पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी।

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