मुख्यमंत्री योगी सख्त: बजट खर्च में ढिलाई पर मंत्रियों को भेजे जाएंगे पत्र
उत्तर प्रदेश में बजट खर्च की धीमी रफ्तार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त। 20 विभागों की समीक्षा, मंत्रियों को पत्र भेजने के निर्देश और 2026-27 बजट की तैयारी शुरू।
Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट उपयोग में हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है।

शुक्रवार को 2025-26 वित्तीय वर्ष के बजट की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उन विभागों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां बजट उपयोग की गति बेहद धीमी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे विभागों के मंत्रियों को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से पत्र जारी किए जाएंगे, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश 20 ऐसे विभागों की समीक्षा के दौरान दिए, जिन्हें मौजूदा वित्तीय वर्ष में सबसे अधिक बजट आवंटित किया गया है। बैठक में इन विभागों ने बजट स्वीकृति, आवंटन और वास्तविक व्यय की प्रगति पर प्रस्तुति दी।
बजट खर्च में देरी पर नाराजगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा के दौरान पाया कि कुछ विभागों में बजट खर्च की रफ्तार संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर बजट का उपयोग नहीं होता है, तो योजनाएं अधूरी रह जाती हैं और विकास की गति प्रभावित होती है।
उन्होंने मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर महीने समीक्षा बैठक आयोजित की जाए, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले अधिकतम बजट का उपयोग हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “समय पर निर्णय न लेने की प्रवृत्ति बजट खर्च में देरी का सबसे बड़ा कारण है। इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
मंत्रियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि जिन विभागों में बजट उपयोग धीमा है, वहां हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे समयबद्ध निर्णय लेने की क्षमता विकसित करें।
उन्होंने कहा कि बजट खर्च में देरी न केवल प्रशासनिक कमजोरी को दर्शाती है, बल्कि जनता के हितों को भी नुकसान पहुंचाती है। ऐसे में विभागों को प्रक्रियाओं में तेजी लाने और फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने के निर्देश दिए गए।
केंद्र से लंबित फंड के लिए दिल्ली तक फॉलो-अप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्त विभाग को निर्देश दिया कि 20 प्रमुख विभागों के लिए यदि कोई बजट आवंटन लंबित है, तो उसे तत्काल जारी किया जाए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड में यदि कोई देरी है, तो उसके लिए सक्रिय प्रयास किए जाएं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि
- मंत्री स्वयं दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से मुलाकात करें।
- औपचारिक पत्राचार करें।
- फोन कॉल और बैठकों के माध्यम से फॉलो-अप करें।
इस पूरी प्रक्रिया के समन्वय की जिम्मेदारी मुख्य सचिव एस.पी. गोयल को सौंपी गई है।
2026-27 बजट की तैयारी अभी से
मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को निर्देश दिया कि आगामी 2026-27 के बजट की तैयारी तुरंत शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि अगला बजट तैयार करने से पहले पिछले पांच वर्षों के बजट खर्च का विस्तृत मूल्यांकन किया जाना चाहिए।
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उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि हर विभाग के लिए एक नया एक्शन प्लान तैयार किया जाए, जिससे भविष्य में बजट उपयोग में किसी भी तरह की देरी न हो।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक शब्दों में कहा कि
“समय पर बजट खर्च नहीं हुआ तो योजनाएं अधूरी रहेंगी। विकास तभी संभव है जब वित्तीय अनुशासन और समयबद्धता दोनों का पालन हो।”
उन्होंने सभी विभागों से अपेक्षा जताई कि वे बजट उपयोग को प्राथमिकता दें और जनता के पैसे का सही समय पर सही उपयोग सुनिश्चित करें।



