अभी तो सिर्फ ‘कबाड़’ दागा है, असली तबाही दिखना बाकी! ईरान की चेतावनी से कांपी दुनिया; ट्रंप को भी दिया दो टूक जवाब
: ईरान ने इजरायल और अमेरिका को दी खुली चेतावनी! कमांडर जबारी ने कहा- 'अभी तो सिर्फ स्क्रैप मिसाइलें दागी हैं, असली तबाही अभी बाकी है'। जानें मिडिल ईस्ट के ताजा हालात।
Iran-Israel War 2026: मिडिल ईस्ट की आग अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है जहां से वापसी का रास्ता नजर नहीं आ रहा है। इजरायल (Israel) और अमेरिका द्वारा ईरान (Iran) के कई शहरों पर किए गए भीषण हवाई हमलों के बाद तेहरान ने न केवल पलटवार किया है, बल्कि ऐसी चेतावनी दी है जिसने वैश्विक महाशक्तियों की नींद उड़ा दी है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर जबारी ने हुंकार भरते हुए कहा है कि शनिवार को जो मिसाइलें दागी गईं, वे महज ‘स्क्रैप’ (कबाड़) थीं; असली और खतरनाक हथियारों का ट्रेलर तो अभी दुनिया ने देखा ही नहीं है।
‘स्क्रैप मिसाइलें’ और जवाबी हमला: ईरान का घातक पलटवार
शनिवार की सुबह ईरान (Iran) के लिए काली साबित हुई जब इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से राजधानी तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों को निशाना बनाया। इन हमलों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। लेकिन ईरान ने भी चुप बैठने के बजाय चंद घंटों के भीतर ‘जवाबी चक्रव्यूह’ रचा। ईरान (Iran) ने बहरीन, कतर, इजरायल और दुबई सहित उन 8 देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें बरसाईं, जहां से हमलों को ऑपरेट किया जा रहा था। शाम होते-होते ईरान ने मिसाइलों की एक और नई लहर लॉन्च कर दी। कमांडर जबारी के अनुसार, यह तो बस शुरुआत थी। उन्होंने कहा, “हमने अब तक केवल अपनी पुरानी और स्क्रैप मिसाइलें दागी हैं। हमारे पास ऐसे अनदेखे हथियार हैं जो पलक झपकते ही दुश्मन का नामोनिशान मिटा सकते हैं।”

ईरान को लगा बड़ा जख्म: रक्षा मंत्री और IRGC कमांडर की मौत
भले ही ईरान आक्रामक रुख अपना रहा है, लेकिन रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली और अमेरिकी हमलों ने ईरान के सैन्य ढांचे को गहरी चोट पहुंचाई है। सूत्रों का दावा है कि इन हमलों में ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नसीरजादेह और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के दिग्गज कमांडर मोहम्मद पाकपोर की मौत हो गई है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि शीर्ष नेतृत्व की इस क्षति ने ईरान को भड़का दिया है। यही कारण है कि ईरान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहा है। मिडिल ईस्ट में तनाव इस समय अपने चरम पर है और विशेषज्ञों को डर है कि यह संघर्ष कहीं तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) की चिंगारी न बन जाए।
ट्रंप का ‘सत्ता परिवर्तन’ प्लान और अराघची का ‘मिशन इम्पॉसिबल’
युद्ध के मैदान के साथ-साथ कूटनीतिक गलियारों में भी जुबानी जंग तेज है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में ‘सत्ता परिवर्तन’ (Regime Change) की वकालत की है, जिस पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अराघची ने ट्रंप को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, “ईरान में सत्ता परिवर्तन एक ‘मिशन इम्पॉसिबल’ है।” उन्होंने इजरायल और अमेरिका के हमलों को पूरी तरह से गैर-कानूनी और नाजायज करार दिया। अराघची ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के ही एक पुराने ट्वीट (2012) का सहारा लेकर उन पर तंज कसा और कहा कि यह युद्ध बिना किसी उकसावे के थोपा गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान तनाव कम करने का इच्छुक है, लेकिन इसकी पहली शर्त ‘हमलों का तुरंत रुकना’ है।
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युद्ध के ताजा हालात: एक नजर में
| क्षेत्र | घटनाक्रम | प्रभाव |
| तेहरान | इजरायली हवाई हमले | भारी तबाही और शीर्ष कमांडरों की मौत |
| अमेरिकी बेस | कतर, बहरीन, दुबई पर हमले | अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना |
| कूटनीति | ट्रंप vs अराघची | बातचीत की संभावनाएं लगभग खत्म |



