Rewa Kisan Payment Scam: रीवा में किसानों के 1.27 करोड़ के भुगतान घोटाले का मुद्दा विधानसभा में गूंजा; कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

रीवा (Rewa) के सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा (Congress MLA from Semaria Abhay Mishra) ने विधानसभा में 58 किसानों के 1.27 करोड़ रु. के बकाया भुगतान घोटाले का मुद्दा उठाया। वेयरहाउस, पोर्टल डेटा डिलीट, अधिकारी निलंबन और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर आरोप। पूरी रिपोर्ट।

रीवा (Rewa) जिले के सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा (Congress MLA from Semaria Abhay Mishra) ने गुरुवार को विधानसभा में 58 किसानों के 1.27 करोड़ रुपए के भुगतान अटकने का बड़ा मामला जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी गड़बड़ी एक ऐसे वेयरहाउस में हुई, जिसे स्थानीय भाजपा सांसद के प्रभाव में संचालित किया जा रहा है।

58 किसानों का भुगतान नहीं मिला,उलटे उन्हें चोर बताया गया
सदन में बोलते हुए सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा (Congress MLA from Semaria Abhay Mishra) ने कहा-

“हमारे रीवा में एक विजया वेयर हाउस है। यहां 58 किसानों ने अपना गल्ला बेचा था, लेकिन किसी को पैसा नहीं मिला। किसी का 50 हजार, किसी का 60 हजार, तो किसी का डेढ़ लाख तक बकाया है।”
उन्होंने बताया कि किसानों के पास सम्पूर्ण रसीदें मौजूद हैं, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें ही गलत साबित करने की कोशिश की।

पोर्टल से किसानों के नाम और डेटा डिलीट-भुगतान रोकने की साजिश का आरोप

सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा (Congress MLA from Semaria Abhay Mishra) के अनुसार, घोटाले को छुपाने के लिए किसानों के नाम और उनके रिकॉर्ड को प्रधानमंत्री उपार्जन पोर्टल से ही डिलीट कर दिया गया।
“किसानों को कहा गया कि आपने कोई अनाज बेचा ही नहीं। रसीदें होने के बावजूद उन्हें चोर कहा गया। यह सीधी साजिश है।”

भ्रष्ट अधिकारियों’ को सौंपी गई जांच

इस मामले में एक महिला अधिकारी रीना श्रीवास्तव, जिन्होंने किसानों के पक्ष में प्रतिवेदन दिया था, उन्हें अचानक निलंबित कर दिया गया।
विधायक ने इसे “सच दबाने की कार्रवाई” बताया।

उन्होंने आरोप लगाया-“कलेक्टर ने एक समिति बनाई जिसमें वही भ्रष्ट अधिकारी शामिल किए गए जो मामले को दबाना चाहते थे। उन्होंने जांच में किसानों को ही झूठा बता दिया।”
साथ ही उपार्जन समिति के अध्यक्ष पर व्यंग्य करते हुए कहा- “एक नया लड़का आया है, एक साल में स्कॉर्पियो में घूम रहा है। आखिर यह पैसा कहां से आ रहा है?”

कलेक्टर ने माना किसान सही- लेकिन पोर्टल में तकनीकी पेंच से रुका भुगतान
सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा (Congress MLA from Semaria Abhay Mishra) ने बताया कि किसानों के आंदोलन के बाद कलेक्टर द्वारा कराई गई दूसरी जांच में किसानों को सही पाया गया लेकिन अब पोर्टल से उनका नाम हट जाने के कारण भुगतान अटक गया है।
“कलेक्टर ने माना कि किसान सही हैं, लेकिन सिस्टम में डेटा न होने के कारण उनकी मेहनत की कमाई अटकी पड़ी है।”
विधायक ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा- “हम बड़े-बड़े मंचों से किसानों की बात करते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि किसान आज अपने ही पैसे के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है।”

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