एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में प्रो. श्याम बिहारी लाल को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि, शिक्षाजगत और राजनीति ने खोया सशक्त स्तंभ
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली में प्राचीन इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष व विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल के आकस्मिक निधन पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
Professor Shyam Bihari Lal Tribute Meeting: महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय), बरेली के पांचाल प्रेक्षागृह में सोमवार को प्राचीन इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ इतिहासकार एवं लोकप्रिय विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल (Prof. Shyam Bihari Lal) के आकस्मिक निधन पर एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार, शिक्षकों, शोधार्थियों, छात्रों और कर्मचारियों ने उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को स्मरण किया।

प्रो. श्याम बिहारी लाल का निधन न केवल विश्वविद्यालय बल्कि शिक्षा, राजनीति और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है। वे एक ऐसे शिक्षाविद थे जिन्होंने अकादमिक उत्कृष्टता और सामाजिक सरोकारों को समान रूप से महत्व दिया।
सरल, संवेदनशील और न्यायप्रिय व्यक्तित्व के धनी थे प्रो. लाल
श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता करते हुए संकायाध्यक्ष प्रो. विजय बहादुर सिंह यादव ने प्रो. श्याम बिहारी लाल के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे अत्यंत सरल, संवेदनशील और न्यायप्रिय स्वभाव के व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि प्रो. लाल ने शिक्षा और राजनीति के बीच संतुलन बनाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का कार्य किया।
प्रो. यादव ने भावुक स्वर में कहा कि उनका जाना विश्वविद्यालय के लिए ही नहीं बल्कि पूरे सामाजिक ताने-बाने के लिए एक गहरा आघात है। उन्होंने हमेशा छात्रों और सहकर्मियों का मार्गदर्शन किया और हर परिस्थिति में निष्पक्षता को प्राथमिकता दी।
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विश्वविद्यालय की अकादमिक परंपराओं के संवाहक थे प्रो. श्याम बिहारी लाल
कार्यक्रम में मुख्य नियंता प्रो. रविंद्र सिंह ने प्रो. श्याम बिहारी लाल को विश्वविद्यालय की अकादमिक परंपराओं का सच्चा संवाहक बताया। उन्होंने कहा कि प्रो. लाल ने अपने कार्यकाल में न केवल प्राचीन इतिहास विभाग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि शोध और शिक्षण की गुणवत्ता को भी सुदृढ़ किया।

अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. आशुतोष प्रिय ने अपने वक्तव्य में प्रो. लाल के संस्थागत योगदान को याद करते हुए कहा कि वे निर्णय लेने में दूरदर्शी थे और विश्वविद्यालय हित को सर्वोपरि रखते थे। उन्होंने कई अकादमिक नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रतिमा स्थापना का प्रस्ताव, श्रद्धांजलि में उमड़ा विश्वविद्यालय परिवार
श्रद्धांजलि सभा में शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. प्रेमपाल सिंह ने प्रो. श्याम बिहारी लाल की स्मृति में विश्वविद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित किए जाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियों को उनके विचारों और योगदान से प्रेरणा मिलेगी।
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सभा के दौरान विश्वविद्यालय के अनेक वरिष्ठ शिक्षकों एवं अधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। इनमें प्रो. आलोक श्रीवास्तव, डॉ. पवन सिंह, प्रो. संजय गर्ग, प्रो. जे.एन. मौर्य, डॉ. विमल, डॉ. रामबाबू सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। छात्रों और कर्मचारियों ने भी दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी।



