Louisiana में बड़ा फैसला: DOJ को सौंपा जाएगा मतदाताओं का संवेदनशील निजी डेटा
Louisiana सरकार ने अमेरिकी Department of Justice को मतदाताओं की निजी जानकारी देने का फैसला किया है। जानिए पूरा मामला, कानूनी आधार, राज्यों की नाराज़गी और इसके असर।
Louisiana Voter Personal Data To Department Of Justice: अमेरिका में मतदाताओं की निजता और संघीय अधिकारों को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है।

Louisiana राज्य ने यह निर्णय लिया है कि वह अपने मतदाताओं की व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी अमेरिकी Department of Justice (DOJ) को सौंपेगा। इस डेटा में मतदाताओं के पूरे नाम, जन्मतिथि, घर का पता, ड्राइविंग लाइसेंस नंबर और सोशल सिक्योरिटी नंबर के अंतिम चार अंक तक शामिल होंगे।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दर्जनों अन्य अमेरिकी राज्यों ने इसी तरह की मांगों को ठुकरा दिया है, और इसके बदले DOJ द्वारा उन पर मुकदमे दायर किए जा रहे हैं।
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Louisiana सरकार का तर्क: “कानून के तहत मजबूरी”
Louisiana की Secretary of State Nancy Landry ने Baton Rouge Press Club में बोलते हुए स्पष्ट किया कि उनके कार्यालय ने DOJ की मांग की गहन कानूनी समीक्षा की।
Landry ने कहा,
“हमने सावधानीपूर्वक विश्लेषण के बाद यह तय किया कि कानून हमें इसका पालन करने के लिए बाध्य करता है।”
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य के IT विशेषज्ञ DOJ के अधिकारियों के साथ मिलकर डेटा को उचित फॉर्मेट में साझा करने की प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं। शुरुआत में Louisiana ने केवल वही मतदाता सूची भेजी थी जो आम जनता के लिए पहले से उपलब्ध थी, जिसमें नाम, पता, फोन नंबर, उम्र, जाति, लिंग और पार्टी संबद्धता शामिल थी। लेकिन DOJ इस जानकारी से संतुष्ट नहीं था।
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DOJ की मांग के पीछे क्या है मकसद?
DOJ की Civil Rights Division की Assistant Attorney General Harmeet Dhillon ने सितंबर की शुरुआत में Louisiana को एक पत्र भेजा था। इस पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि DOJ को यह डेटा यह जांचने के लिए चाहिए कि क्या Louisiana संघीय चुनाव कानूनों के तहत मतदाता सूची के उचित रखरखाव (voter roll maintenance) का पालन कर रहा है या नहीं।
DOJ ने अपने अनुरोध को सही ठहराने के लिए तीन प्रमुख संघीय कानूनों का हवाला दिया:
- Civil Rights Act of 1960
- National Voter Registration Act of 1993
- Help America Vote Act of 2002
इन कानूनों के तहत DOJ का दावा है कि उसे राज्यों से मतदाता पंजीकरण रिकॉर्ड की समीक्षा करने का व्यापक अधिकार प्राप्त है।

कई राज्यों का विरोध, दर्जनों पर मुकदमे
जहां Louisiana, Mississippi और Tennessee जैसे राज्यों ने DOJ के साथ सहयोग किया है, वहीं दर्जनों अन्य राज्यों ने इस मांग का विरोध किया है।
DOJ के अनुसार, अब तक कम से कम 22 राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों पर मुकदमे दायर किए जा चुके हैं।
Colorado की Secretary of State Jena Griswold ने DOJ के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:
“हम Coloradans की संवेदनशील वोटिंग जानकारी Donald Trump को नहीं सौंपेंगे। उन्हें इसका कोई कानूनी अधिकार नहीं है।”
Georgia ने आंशिक डेटा साझा किया, लेकिन पूरा नहीं। इस पर DOJ ने Georgia पर भी मुकदमा दायर किया। हालांकि Georgia के Secretary of State Brad Raffensperger ने दावा किया कि उन्होंने राज्य के गोपनीयता कानूनों का पूरी तरह पालन किया है।
कानूनी अस्पष्टता और निजता का सवाल
University of Wisconsin Law School के State Democracy Research Initiative के वरिष्ठ कानूनी सलाहकार Derek Clinger के अनुसार, यह मामला कानूनी रूप से बेहद जटिल है।
Clinger ने लिखा कि अभी तक अदालतों में ऐसा कोई स्पष्ट फैसला नहीं है जो यह तय करे कि संघीय कानून राज्य के गोपनीयता कानूनों से ऊपर है या नहीं।
यही कारण है कि यह मुद्दा केवल Louisiana तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे अमेरिका में मतदाता निजता बनाम संघीय अधिकार की बहस को जन्म दे रहा है।



