Rewa:शासकीय मॉडल साइंस कॉलेज के शिक्षक ने तार तार कर दी गुरु शिष्य की मर्यादा

रीवा (Rewa) के शासकीय मॉडल साइंस कॉलेज में शिक्षक द्वारा छात्रा से अभद्र चैट का मामला सामने आया। जांच में आरोप सही पाए गए, फिर भी कार्रवाई न होने से छात्रों में आक्रोश। पूरी खबर पढ़ें।

मध्यप्रदेश के रीवा (Rewa) जिले में स्थित शासकीय मॉडल साइंस कॉलेज (PM श्री कॉलेज) इन दिनों एक ऐसे विवाद के कारण सुर्खियों में है, जिसने शिक्षा व्यवस्था की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां कॉलेज को उत्कृष्ट शिक्षा का केंद्र माना जाता है, वहीं दूसरी ओर यहां सामने आया यह मामला बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक है।
मामला जियोग्राफी विभाग के एक शिक्षक अमित साहू से जुड़ा है, जिन पर बीए फर्स्ट ईयर की एक छात्रा के साथ अभद्र बातचीत करने और निजी संबंध बनाने के लिए दबाव डालने के आरोप लगे हैं। छात्रा द्वारा प्रस्तुत किए गए चैट स्क्रीनशॉट्स ने पूरे घटनाक्रम को उजागर कर दिया है, जिससे कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है।

चैट से खुला पूरा मामला
पीड़ित छात्रा के मुताबिक,आरोपी शिक्षक पढ़ाई के दौरान ही उससे निजी बातचीत करने की कोशिश करता था। शुरुआत में सामान्य बातचीत के बहाने संपर्क बढ़ाया गया, लेकिन धीरे-धीरे यह बातचीत असहज और आपत्तिजनक होती चली गई।
छात्रा का आरोप है कि शिक्षक ने उसे कई बार “तुम मुझे अच्छी लगती हो, रूम पर आ जाओ” जैसे मैसेज भेजे। इतना ही नहीं, उसने मिलने के बदले फायदे का भी लालच दिया। जब छात्रा ने इन बातों का विरोध किया, तो शिक्षक ने उसे दबाव में लेने की कोशिश की और चैट डिलीट करने के लिए धमकाया।
लेकिन यहां छात्रा और उसकी सहेलियों की सतर्कता काम आई। उन्होंने सभी चैट के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रख लिए, जो अब इस पूरे मामले में अहम सबूत बन गए हैं।

जांच में स्वीकार की गलती
मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने जांच कमेटी गठित की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों ने आरोपों को और मजबूत कर दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी शिक्षक ने खुद अपनी गलती स्वीकार कर ली।
हालांकि, इसके बावजूद कॉलेज प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस और सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। यही वजह है कि छात्रों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

छात्रों का फूटा गुस्सा
बुधवार को इस मामले को लेकर कॉलेज परिसर में छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
छात्रों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ कॉलेज के माहौल को खराब करती हैं, बल्कि छात्राओं की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उनका आरोप है कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे मामलों को बढ़ावा मिलेगा।

प्रशासन पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने कॉलेज प्रशासन की भूमिका को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक ओर जहां आरोपी शिक्षक अपनी गलती स्वीकार कर चुका है, वहीं दूसरी ओर कार्रवाई में हो रही देरी कई सवाल खड़े करती है।
क्या प्रशासन किसी दबाव में है? या फिर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है? ये सवाल अब छात्रों और आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए हैं।

छात्राओं की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा
यह मामला सिर्फ एक कॉलेज या एक शिक्षक तक सीमित नहीं है। यह पूरे शिक्षा तंत्र में छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा हुआ मुद्दा है। अगर ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आने वाले समय में और गंभीर रूप ले सकता है।

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