Rewa के इस स्कूल में क्या हो रहा था अंदर? VIDEO वायरल होते ही मचा हड़कंप
रीवा (Rewa) जिले के एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल द्वारा छात्र से सेवा कराने का वीडियो वायरल। कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए। पढ़ें पूरी खबर।

मध्य प्रदेश के रीवा (Rewa) जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस जगह को बच्चों के भविष्य निर्माण और संस्कारों का केंद्र माना जाता है, वहीं एक मासूम छात्र के साथ जो हो रहा था, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
यह पूरा मामला त्योंथर क्षेत्र के शासकीय माध्यमिक शाला पनासी का बताया जा रहा है, जहां एक वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। वीडियो में जो दृश्य दिखाई दे रहा है, वह न केवल चौंकाने वाला है बल्कि बेहद शर्मनाक भी है।
VIDEO में कैद हुआ पूरा सच
वायरल हो रहे वीडियो में स्कूल की प्रिंसिपल वर्षा मांझी(Varsha Majhi) कुर्सी पर आराम से बैठी नजर आ रही हैं। उनके कानों में ईयरफोन लगे हुए हैं, मानो वह किसी निजी दुनिया में खोई हों। लेकिन इस दृश्य का सबसे परेशान करने वाला पहलू यह है कि उनके ठीक बगल में खड़ा छठवीं कक्षा का एक छात्र हाथ से पंखा झल रहा है।
यह दृश्य सिर्फ एक पल की घटना नहीं लगती, बल्कि यह संकेत देता है कि स्कूल के भीतर अनुशासन और जिम्मेदारी का संतुलन पूरी तरह बिगड़ चुका है। सवाल यह उठता है कि क्या एक शिक्षक का यह व्यवहार बच्चों को क्या संदेश दे रहा है?
वायरल होते ही प्रशासन में हलचल
बताया जा रहा है कि यह वीडियो मंगलवार को रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन बुधवार को जैसे ही यह सोशल मीडिया पर सामने आया, यह तेजी से वायरल हो गया। मामला तूल पकड़ते ही प्रशासन हरकत में आ गया।
रीवा (Rewa) कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) रामराज मिश्रा को कड़ी फटकार लगाई और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के निर्देश दिए।
प्रशासन की इस त्वरित प्रतिक्रिया से यह साफ है कि मामला बेहद संवेदनशील है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
क्या पहले भी होता रहा ऐसा?
इस घटना के सामने आने के बाद अब कई नए सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, प्रिंसिपल वर्षा मांझी(Varsha Majhi) पिछले दो वर्षों से इसी स्कूल में पदस्थ हैं। ऐसे में यह संदेह और गहरा जाता है कि क्या यह पहली बार हुआ है, या फिर पहले भी इस तरह की घटनाएं होती रही हैं?
अगर ऐसा पहले भी होता रहा है, तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी अब तक क्या कर रहे थे? क्या किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया, या फिर जानबूझकर नजरअंदाज किया गया?
शिक्षा व्यवस्था पर गहरा सवाल
यह मामला सिर्फ एक स्कूल या एक प्रिंसिपल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़ा करता है। जिस उम्र में बच्चों को शिक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का पाठ पढ़ाया जाना चाहिए, उस उम्र में उनसे इस तरह का व्यवहार कराया जाना निंदनीय है।
यह घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर हमारे सरकारी स्कूलों में बच्चों के साथ कैसा व्यवहार हो रहा है और क्या उनके अधिकारों की सही तरीके से रक्षा की जा रही है?
अब सबकी नजर कार्रवाई पर
फिलहाल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन असली परीक्षा अब प्रशासन की है—क्या दोषियों को सजा मिलेगी या फिर यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
रीवा स्कूल वीडियो मामला अब केवल एक खबर नहीं रह गया है, बल्कि यह एक चेतावनी बन चुका है—एक ऐसी चेतावनी, जो बताती है कि अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो शिक्षा व्यवस्था की नींव कमजोर होती चली जाएगी।



