अग्निवीर भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा: जन्मतिथि बदल लिखित और फिजिकल परीक्षा की पास, फिर एक छोटी सी गलती ने खोल दी पोल!
मुजफ्फरपुर अग्निवीर भर्ती में जन्मतिथि बदलकर सेना को चकमा देने की कोशिश! जानें कैसे मोतिहारी का युवक फिजिकल पास करने के बाद पकड़ा गया और क्या है पूरा मामला।
Army Agniveer Bharti Fraud: भारतीय सेना में शामिल होकर देश सेवा का जज्बा हर युवा में होता है, लेकिन कुछ युवा इस सपने को पूरा करने के लिए गलत रास्ता अख्तियार कर लेते हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित चक्कर मैदान में चल रही अग्निवीर बहाली के दौरान एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने अपनी उम्र कम दिखाने के लिए न सिर्फ दस्तावेजों में हेराफेरी की, बल्कि सेना की कड़ी सुरक्षा और जांच प्रक्रिया को धता बताते हुए लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट भी पास कर लिया।
आधार और पैन कार्ड में हेराफेरी: 1999 से सीधे 2004 का सफर
मामला पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के रामगढ़वा अंतर्गत लक्ष्मीपुर का है। आरोपी युवक जय नारायण कुमार ने अग्निवीर बनने के लिए अपनी जन्मतिथि में बड़ी चालाकी से बदलाव किया था। जांच में खुलासा हुआ कि युवक ने नया आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवा लिया था ताकि वह भर्ती की निर्धारित आयु सीमा में फिट बैठ सके। हैरानी की बात यह है कि जय नारायण ने 2024 की अग्निवीर बहाली में भी हिस्सा लिया था। उस समय रिकॉर्ड के अनुसार उसकी जन्मतिथि 1999 थी। लेकिन इस बार की भर्ती में शामिल होने के लिए उसने अपनी उम्र 5 साल कम कर ली और दस्तावेजों में जन्मतिथि 2004 दर्ज करवा ली। इसी ‘फर्जी’ पहचान के दम पर उसने लिखित परीक्षा पास की और मंगलवार को चक्कर मैदान में फिजिकल फिटनेस टेस्ट (PFT) में भी बाजी मार ली।

ऐसे पकड़ा गया ‘स्मार्ट’ जालसाज: सेना की मुस्तैदी ने फेल किया प्लान
कहते हैं कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कोई न कोई सुराग छोड़ ही देता है। जय नारायण ने दौड़, बीम और जिगजैग जैसी कठिन शारीरिक परीक्षाओं को तो पार कर लिया, लेकिन असली बाधा अभी बाकी थी। देर शाम जब शैक्षणिक प्रमाण पत्रों (Educational Documents) की गहन जांच शुरू हुई, तो सेना के अधिकारियों को संदेह हुआ। जब डेटाबेस का मिलान किया गया, तो युवक की पिछली भागीदारी का रिकॉर्ड सामने आ गया। पुराने रिकॉर्ड में उम्र 25 साल (1999) और नए में 20 साल (2004) देखकर अधिकारी दंग रह गए। कड़ी पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया कि उसने बहाली में शामिल होने के लिए नए सिरे से कागजात बनवाए थे। सेना ने तुरंत उसे हिरासत में लेकर काजी मोहम्मदपुर थाने के हवाले कर दिया। हालांकि, सेना की ओर से लिखित शिकायत न मिलने के कारण पुलिस ने उसे पीआर बॉन्ड (PR Bond) पर छोड़ दिया है।
मुजफ्फरपुर चक्कर मैदान में मोतिहारी के युवाओं का दबदबा
एक ओर जहां धोखाधड़ी की खबर ने सुर्खियां बटोरीं, वहीं दूसरी ओर मोतिहारी के सैकड़ों युवाओं ने अपनी मेहनत से सबका दिल जीत लिया। मंगलवार से शुरू हुई इस Army Agniveer Bharti प्रक्रिया में पहले दिन पूर्वी चंपारण के युवाओं ने 1600 मीटर की दौड़ में जबरदस्त दमखम दिखाया। भर्ती की मुख्य बातें:
- प्रवेश समय: सोमवार देर रात 2 बजे से ही एडमिट कार्ड और बायोमेट्रिक जांच के बाद प्रवेश दिया गया।
- बैच का आकार: 250-250 युवाओं के ग्रुप बनाकर 400 मीटर के ट्रैक पर चार फेरे लगवाए गए।
- कठिन प्रतिस्पर्धा: दौड़ के दौरान कई अभ्यर्थी पहले ही चक्कर में बाहर हो गए, जबकि सफल अभ्यर्थियों को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया।
- आगामी कार्यक्रम: बुधवार को समस्तीपुर और दरभंगा के अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता की जांच की जाएगी।
बिहार-झारखंड भर्ती बोर्ड के डीडीजी ब्रिगेडियर केके कामत खुद इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं, ताकि भर्ती पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।
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सावधान (Attention): सेना भर्ती में धोखाधड़ी पड़ सकती है महंगी
यह मामला उन युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो फर्जी दस्तावेजों के जरिए सेना में घुसने की कोशिश करते हैं। भारतीय सेना का आधुनिक डेटाबेस और बायोमेट्रिक सिस्टम अब इतना उन्नत हो चुका है कि किसी भी प्रकार की हेराफेरी को पकड़ना आसान हो गया है। ऐसी कोशिश न केवल आपका करियर बर्बाद कर सकती है, बल्कि आपको जेल की सलाखों के पीछे भी पहुंचा सकती है।



