Rewa के लोही गाँव में 40 साल पुराने सरकारी रास्ते पर दबंगों का जबरन कब्जा-परिवार राहें बंद होने से बेहाल
रीवा (Rewa) के लोही गाँव (Lohi Gaon) में 40 साल पुराने सरकारी रास्ते पर कुछ प्रभावितों द्वारा जबरन कब्जा कर मार्ग बंद कर दिया गया। परिवारों का आवागमन बाधित, प्राथमिकता में निरीक्षण व रास्ता खोला जाने की मांग।

रीवा (Rewa) के लोही गाँव (Lohi Gaon) के स्थानीय निवासी रामाश्रय सेन (पिता इन्द्रभान सेन) का कहना है कि उनके घर के आने-जाने का एकमात्र रास्ता,जो लगभग 40 साल पुराना है,कुछ ग़ैर- लाभी ग्रामीणों और दबंग प्रवृत्ति लोगों द्वारा कब्जे में ले लिया गया है। इस नक्शे पर आए कलह से परिवार का रोज़मर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है।
रास्ते पर कब्ज़े का आरोप
कहा जाता है कि रास्ते के किनारे स्थित खसरा संख्याओं 580, 581, 586, 588 के कुछ लोगों ने न सिर्फ़ अपनी ज़मीन का दावा किया, बल्कि सरकारी रास्ते पर भी तार बाँध कर उसे बंद कर दिया। आरोपियों के नाम — ज्ञानेन्द्र सिंह, पश्येन्द्र सिंह, राम राज सिंह, वेवा आता सिंह, भुलेश कुमार, हेमंत व रामजीवन सिंह – ग्रामीण बताते हैं कि उन्होंने दबंगई से रास्ता रोका हुआ है, जिससे पारंपरिक आवागमन ठप्प हो गया है।
प्रार्थी का उल्लेखित अनुभव
प्रार्थी का कहना है कि जब रास्ता खोलने के लिए अनुरोध किया गया तो आरोपियों ने कहा – “तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा; अपना रास्ता खुद नपवाओं।” शिकायत के बावजूद, सरपंच और सचिव को जानकारी देने पर भी प्रार्थी का आरोप है कि कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और चारों तरफ से मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया।
स्वास्थ्य, शिक्षा और रोज़मर्रा की ज़रूरतें रास्ते के बंद होने से बच्चों के स्कूल आने-जाने और बुज़ुर्गों के अस्पताल तक पहुँचने में भारी कठिनाइयाँ आ रही हैं। हाल ही में मां के बीमार पड़ने पर परेशानियों के बाद अस्पताल पहुँचना पड़ा। प्रार्थी का आरोप है कि आरोपियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक रास्ते पर फर्क नहीं पड़ता, वे किसी को आने-जाने नहीं देंगे।यहाँ तक कि धमकी जैसी बातें भी कही गईं।
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समुदायिक दबाव और अकेलेपन का हाल
प्रार्थी ने यह भी उल्लेख किया कि बस्ती में वे अकेला परिवार हैं जो नापवाए की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रभावित पक्षियों की संख्या अधिक होने के कारण वे प्रताड़ना झेलते हैं और अन्ततः अपना पुस्तैनी घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
आवश्यक कार्रवाई व मांगें
प्रार्थी ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि मौके पर जाकर जांच करायी जाए और उस पुराने सार्वजनिक मार्ग को बहाल करके आवागमन सुचारु किया जाए। साथ ही वे चाहते हैं कि आरोपियों के द्वारा अवैध ढंग से किए गए कब्जे की वैधानिक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी और को ऐसी परेशानी न उठानी पड़े।



