14 अरब साल पुराना हो सकता है इंटरस्टेलर धूमकेतु 3I/ATLAS: वैज्ञानिकों के लिए चौंकाने वाली खोज

इंटरस्टेलर धूमकेतु 3I/ATLAS को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह धूमकेतु 14 अरब साल पुराना हो सकता है, जो हमारे सूर्य से भी पहले का है। जानिए इस रहस्यमयी खोज से जुड़ी पूरी जानकारी।

Interstellar Comet 3I/ATLAS: खगोल विज्ञान की दुनिया में एक बार फिर हलचल मच गई है। इंटरस्टेलर धूमकेतु 3I/ATLAS, जो हमारे सौरमंडल में प्रवेश करने वाला केवल तीसरा पुष्टि-प्राप्त अंतरतारकीय पिंड है, को लेकर वैज्ञानिकों ने एक चौंकाने वाला अनुमान लगाया है।

Interstellar Comet 3I/ATLAS
Interstellar Comet 3I/ATLAS

शुरुआती शोध के अनुसार यह धूमकेतु 8 से 14 अरब साल पुराना हो सकता है – यानी यह तब भी मौजूद था जब हमारा सूर्य सिर्फ धूल और गैस का बादल था। यह खोज वैज्ञानिकों के लिए इसलिए भी हैरान करने वाली है क्योंकि ब्रह्मांड की अनुमानित आयु ही लगभग 13.8 अरब वर्ष मानी जाती है।

इसे भी पढें: अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला चीन को देगा कूटनीतिक बढ़त, लेकिन ताइवान पर हमला फिलहाल नहीं: विश्लेषक

3I/ATLAS क्या है और यह इतना खास क्यों है?

इंटरस्टेलर धूमकेतु 3I/ATLAS की खोज ने वैज्ञानिक समुदाय को रोमांचित कर दिया है। इससे पहले केवल दो अंतरतारकीय पिंडों की पुष्टि हुई थी — 1I/’Oumuamua (2017) और 2I/Borisov (2019)।

3I/ATLAS की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह हमारे सौरमंडल का नहीं है। वैज्ञानिकों के अनुसार इसकी गति और कक्षा (trajectory) स्पष्ट रूप से बताती है कि यह किसी दूसरे तारा-तंत्र या संभवतः किसी अन्य आकाशगंगा से आया है।

न्यूजीलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी की एसोसिएट प्रोफेसर मिशेल बैनिस्टर के नेतृत्व में की जा रही रिसर्च के अनुसार, इस धूमकेतु की उम्र का अनुमान इसकी अत्यधिक तेज़ गति और ऊर्जा के आधार पर लगाया गया है।

इसे भी पढें:  चैवरोन शेयरों में 8% उछाल – ट्रंप की वेनेज़ुएला पर सैन्य हस्तक्षेप से अमेरिकी तेल कंपनियों को बड़ा फायदा

रसायन संरचना ने बढ़ाया रहस्य

जब 3I/ATLAS हमारे सौरमंडल में प्रवेश कर रहा था, तब वैज्ञानिकों ने इसकी रासायनिक संरचना का विश्लेषण किया। नतीजे बेहद चौंकाने वाले थे।

इस धूमकेतु में:

  • निकेल और आयरन के असामान्य परमाणु उत्सर्जन
  • कार्बन डाइऑक्साइड की अत्यधिक मात्रा
  • सौरमंडलीय धूमकेतुओं से बिल्कुल अलग केमिस्ट्री

जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) से प्राप्त डेटा के अनुसार, 3I/ATLAS संभवतः किसी बेहद ठंडे और दूरस्थ वातावरण में बना था, जहां तापमान अत्यंत कम रहा होगा।

Interstellar Comet 3I/ATLAS
Interstellar Comet 3I/ATLAS

बैनिस्टर के अनुसार, “3I/ATLAS की रसायन संरचना हमारे सौरमंडल के किसी भी धूमकेतु से मेल नहीं खाती। यही बात हमें इसके मूल स्थान के बारे में महत्वपूर्ण संकेत देती है।”

घूमते जेट्स और अजीब व्यवहार

3I/ATLAS सिर्फ अपनी उम्र और संरचना के कारण ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार के कारण भी वैज्ञानिकों को हैरान कर रहा है।

स्पेन के टेनेरिफ़ द्वीप स्थित Teide Observatory में 37 रातों तक किए गए अवलोकन में वैज्ञानिकों ने पाया कि:

  • धूमकेतु के सूर्य-मुखी हिस्से में जेट जैसी संरचनाएं।
  • ये जेट्स हर 7 घंटे 45 मिनट में दिशा बदलते हैं।
  • इससे धूमकेतु की घूर्णन अवधि लगभग 15.5 घंटे आंकी गई।

शुरुआत में यह धूमकेतु सूर्य की ओर पंखे जैसे धूल बादल के रूप में दिखाई देता था, लेकिन अक्टूबर में अपने perihelion के करीब आते ही इसकी पूंछ और अधिक स्पष्ट हो गई।

इसे भी पढें: ज्ञानेश कुमार को शुभेंदु अधिकारी का पलटवार: ममता बनर्जी के सभी आरोपों का खंडन, SIR प्रक्रिया को बताया पारदर्शी

क्या यह कृत्रिम वस्तु हो सकता है?

कुछ वैज्ञानिकों और सोशल मीडिया चर्चाओं में यह अटकल भी लगाई जा रही है कि क्या 3I/ATLAS कृत्रिम (Artificial) हो सकता है। हालांकि, इस दावे के पक्ष में अभी तक कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है।

अधिकांश खगोलविद मानते हैं कि यह अटकलें फिलहाल काल्पनिक और विवादास्पद हैं, और आगे के डेटा के बिना ऐसा निष्कर्ष निकालना जल्दबाज़ी होगी।

Related Articles

Back to top button