‘जोश’ में हुई भारी चूक! कौन हैं प्रोफेसर नेहा सिंह? जिन्होंने चीनी रोबोट को बताया गलगोटिया की खोज, अब सोशल मीडिया पर हो रही हैं ट्रोल

जानें कौन हैं गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह, जिन्होंने AI समिट में चीनी रोबोट को 'मेड इन इंडिया' बताकर सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। पढ़ें पूरी सच्चाई।

Galgotias University Robodog Controversy: दिल्ली में आयोजित AI समिट इन दिनों तकनीक से ज्यादा विवादों के कारण चर्चा में है। इस विवाद के केंद्र में हैं गलगोटिया यूनिवर्सिटी और वहां की प्रोफेसर नेहा सिंह। एक वीडियो इंटरव्यू में चीनी रोबोट (रोबोडॉग) को अपनी यूनिवर्सिटी का आविष्कार बताने वाली नेहा सिंह अब नेटिज़न्स के निशाने पर हैं। आइए जानते हैं आखिर क्या है पूरा मामला और कौन हैं ये प्रोफेसर जिन्होंने रातों-रात सुर्खियां बटोर लीं।

क्या है गलगोटिया यूनिवर्सिटी का रोबोडॉग विवाद?

विवाद की शुरुआत तब हुई जब डीडी न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में प्रोफेसर नेहा सिंह ने एक रोबोडॉग का प्रदर्शन किया। उन्होंने बड़े गर्व के साथ दावा किया कि इस रोबोट को गलगोटिया यूनिवर्सिटी के छात्रों और टीम ने तैयार किया है। वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया के ‘जासूसों’ ने इसकी पोल खोल दी। जांच में सामने आया कि यह रोबोट वास्तव में चीन की एक कंपनी (Unitree) द्वारा बनाया गया है, जिसे बाजार से खरीदा जा सकता है। इतना ही नहीं, नेहा सिंह ने एक अन्य वीडियो में सॉकर ड्रोन को भी यूनिवर्सिटी का प्रोडक्ट बताया, जो बाद में दक्षिण कोरियाई मूल का निकला। इस “कॉपी-पेस्ट” इनोवेशन ने यूनिवर्सिटी की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Galgotias University Robodog Controversy
Galgotias University Robodog Controversy

कौन हैं प्रोफेसर नेहा सिंह? (Who is Professor Neha Singh?)

जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, लोगों ने नेहा सिंह की प्रोफाइल खंगालनी शुरू कर दी। नेहा सिंह वर्तमान में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में कम्युनिकेशंस की फैकल्टी मेंबर हैं। उनके करियर और शिक्षा से जुड़ी कुछ मुख्य बातें यहाँ दी गई हैं:

  • शिक्षा (Education): नेहा ने साल 2006 में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) किया है। इससे पहले उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी.कॉम की डिग्री प्राप्त की थी।
  • अनुभव (Experience): गलगोटिया यूनिवर्सिटी जॉइन करने से पहले (नवंबर 2023), वह ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर थीं। उन्होंने ‘करियर लॉन्चर’ में वर्बल एबिलिटी मेंटर के रूप में भी काम किया है।
  • लिंक्डइन स्टेटस (LinkedIn Status): विवाद के बीच उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल भी वायरल हुई, जिस पर ‘ओपन टू वर्क’ (Open to Work) का टैग लगा है, जो संकेत देता है कि वह नई नौकरी की तलाश में हैं।

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यूनिवर्सिटी का पल्ला झाड़ना और प्रोफेसर की सफाई

भारी ट्रोलिंग के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने आधिकारिक बयान जारी कर सारा दोष प्रोफेसर नेहा सिंह पर मढ़ दिया है। यूनिवर्सिटी ने इसे “व्यक्तिगत उत्साह” करार देते हुए माफी मांगी। यूनिवर्सिटी का बयान: “हमारे प्रतिनिधि को टेक्निकल ओरिजिन के बारे में सही जानकारी नहीं थी। कैमरे पर आने के जोश में उन्होंने गलत तथ्य पेश किए। यूनिवर्सिटी का इरादा किसी को गुमराह करने का नहीं था।” वहीं, प्रोफेसर नेहा सिंह ने अपनी सफाई में कहा कि उनका मकसद देश को गुमराह करना नहीं था। उन्होंने स्वीकार किया कि “कम्युनिकेशन गैप” और “अत्यधिक जोश” के कारण वह तकनीकी बारीकियों को स्पष्ट नहीं कर पाईं। उन्होंने इस गलती की पूरी जिम्मेदारी ली है।

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