25 साल बाद बड़ा फैसला: बेंगलुरु नगर निगम चुनाव EVM से नहीं, बैलेट पेपर से होंगे मतदान

25 वर्षों बाद बेंगलुरु नगर निगम चुनाव EVM की जगह बैलेट पेपर से होंगे। जानिए राज्य चुनाव आयोग का फैसला, चुनाव की तारीख, मतदाता संख्या और इसका राजनीतिक असर।

Bengaluru Municipal Corporation Election: बेंगलुरु की राजनीति और प्रशासन में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। करीब 25 वर्षों के बाद बेंगलुरु नगर निगम चुनावों में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराया जाएगा। कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग ने यह अहम फैसला लेते हुए स्पष्ट किया है कि ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के अंतर्गत आने वाले पांच नए नगर निगमों के चुनाव पारंपरिक बैलेट प्रणाली से ही संपन्न होंगे। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी जी. एस. संगरेशी ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह संवैधानिक और कानूनी रूप से वैध है तथा इससे सुप्रीम कोर्ट के किसी भी आदेश का उल्लंघन नहीं होता। यह फैसला बेंगलुरु के स्थानीय निकाय चुनावों के इतिहास में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।

क्यों लिया गया बैलेट पेपर से चुनाव कराने का फैसला?

अब तक बेंगलुरु सहित कर्नाटक के अधिकांश शहरी निकाय चुनावों में ईवीएम (Electronic Voting Machine) का इस्तेमाल होता रहा है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर राजनीतिक बहस तेज रही है। कर्नाटक की मौजूदा कांग्रेस सरकार पहले भी ईवीएम पर सवाल उठा चुकी है। ऐसे में राज्य कैबिनेट की सिफारिश के अनुरूप चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया कि स्थानीय निकाय चुनावों में बैलेट पेपर प्रणाली अपनाई जाए, ताकि मतदान प्रक्रिया को लेकर जनता का भरोसा और अधिक मजबूत हो सके। चुनाव आयोग का मानना है कि बैलेट पेपर से मतदान पारदर्शिता बढ़ाने, मतदाताओं की शंकाओं को दूर करने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में सहायक होगा।

Bengaluru Municipal Corporation Election
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कब होंगे बेंगलुरु नगर निगम चुनाव?

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, बेंगलुरु नगर निगम चुनाव 25 मई के बाद और 30 जून से पहले कराए जाने हैं। इस समयसीमा के पीछे एक अहम कारण है- 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाएं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षाओं के बाद चुनाव कराने से

  • प्रशासनिक व्यवस्थाएं बेहतर होंगी।
  • स्कूलों और शिक्षकों की ड्यूटी प्रभावित नहीं होगी।
  • सुरक्षा बलों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

इससे पूरी चुनाव प्रक्रिया सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जा सकेगी।

कितने मतदाता, कितने वार्ड और क्या होगी व्यवस्था?

ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के अंतर्गत बनाए गए पांच नगर निगम –

  • सेंट्रल बेंगलुरु
  • नॉर्थ बेंगलुरु
  • साउथ बेंगलुरु
  • ईस्ट बेंगलुरु
  • वेस्ट बेंगलुरु

इन सभी में मिलाकर कुल 369 वार्ड हैं।

प्रमुख आंकड़े:

  • कुल मतदाता: लगभग 88.91 लाख
  • ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी: 19 जनवरी
  • आपत्ति दर्ज करने की अवधि: 20 जनवरी से 3 फरवरी
  • अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन: 16 मार्च

राज्य चुनाव आयोग ने आश्वासन दिया है कि मतगणना में कोई देरी नहीं होगी। इसके लिए पर्याप्त संख्या में

  • मतगणना केंद्र
  • सीसीटीवी निगरानी
  • पुलिस और सुरक्षा बल

की तैनाती की जाएगी। योजना यह है कि एक ही दिन में मतदान और मतगणना पूरी कर परिणाम घोषित किए जाएं।

क्या सिर्फ नगर निगम ही नहीं, पंचायत चुनाव भी बैलेट से?

चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया है कि इस साल के अंत में होने वाले जिला और तालुक पंचायत चुनाव भी बैलेट पेपर से ही कराए जाएंगे। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार और आयोग स्थानीय स्तर पर ईवीएम के बजाय पारंपरिक मतदान प्रणाली को प्राथमिकता दे रहे हैं।

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राजनीतिक और लोकतांत्रिक असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश भी है। जहां एक ओर यह कदम विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे ईवीएम सवालों का जवाब माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मतदाताओं के बीच विश्वास बहाल करने की कोशिश भी है।

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