Sabarimala Gold Theft Case: SIT जांच में हस्तक्षेप के आरोपों को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने किया खारिज

सबरीमला मंदिर से जुड़े गोल्ड चोरी मामले में SIT जांच को लेकर उठे विवाद पर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का बड़ा बयान। जानिए CBI जांच, हाईकोर्ट की निगरानी और सोनिया गांधी से जुड़े सवालों की पूरी जानकारी।

Sabarimala Gold Theft Case: केरल के बहुचर्चित सबरीमला अयप्पा मंदिर गोल्ड चोरी मामले में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मामले में गठित विशेष जांच टीम (SIT) की निष्पक्षता को लेकर विपक्षी दल यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने सवाल खड़े किए हैं।

Sabarimala Gold Theft Case
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हालांकि, इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने साफ कहा है कि उनकी सरकार या मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने जांच में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह सार्वजनिक जानकारी है कि SIT की जांच केरल हाईकोर्ट की निगरानी में चल रही है, ऐसे में फिलहाल CBI जांच की कोई आवश्यकता नहीं है।

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SIT जांच पर सरकार की सफाई, CBI जांच से इनकार 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि SIT की जांच सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है और अब तक इस पर कोई ठोस शिकायत सामने नहीं आई है। उन्होंने दोहराया कि SIT का गठन खुद सरकार के सुझाव पर हुआ था और इसे हाईकोर्ट की निगरानी में रखा गया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जांच की प्रगति से असंतुष्ट होने का कोई ठोस आधार नहीं है और विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए CBI जांच की मांग कर रहा है।

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सोनिया गांधी से मुलाकात का सवाल, UDF पर पलटवार

इस पूरे विवाद में नया मोड़ तब आया जब प्रधान आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और बेल्लारी के जौहरी गोवर्धन की सोनिया गांधी के साथ तस्वीर सामने आई। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि

“इतने उच्च सुरक्षा वाले नेता तक इन लोगों की पहुंच कैसे बनी?”

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उन्होंने कहा कि यही असली मुद्दा है, जिससे ध्यान भटकाने के लिए UDF नेता मुख्यमंत्री कार्यालय पर आरोप लगा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने UDF संयोजक अदूर प्रकाश से यह भी सवाल किया कि उन्होंने पोट्टी के निमंत्रण को क्यों स्वीकार किया।

कांग्रेस का पलटवार, SIT की विश्वसनीयता पर सवाल

दूसरी ओर, कांग्रेस ने SIT की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। AICC महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि जांच की सीमाएं सरकार तय कर रही है और बड़े आरोपियों को बचाया जा रहा है।

वहीं, केरल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने हाईकोर्ट की टिप्पणी का हवाला देते हुए पूछा कि क्या मुख्यमंत्री यह खारिज कर सकते हैं कि SIT की जांच में गति की कमी है और “बड़े मगरमच्छ” अब तक पकड़ में नहीं आए हैं।

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SIT की पूछताछ और आगे की कार्रवाई 

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि SIT जरूरत पड़ने पर किसी भी व्यक्ति से पूछताछ कर सकती है। इसमें CPI(M) नेता और पूर्व देवस्वोम मंत्री कडकंपल्ली सुरेंद्रन से पूछताछ भी शामिल है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जा रहा है।

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