Quran पर शपथ लेने से भड़का MAGA गुट: Zohran Mamdani के NYC मेयर बनने पर राजनीतिक विवाद

Zohran Mamdani द्वारा Quran पर शपथ लेने के बाद न्यूयॉर्क सिटी में राजनीतिक तूफान। MAGA समर्थकों की नाराज़गी, 9/11 से जोड़कर बयान और अमेरिका की विविधता पर नई बहस।

Zohran Mamdani Quran Oath Controversy: न्यूयॉर्क सिटी के नए मेयर जोहरान ममदानी (Zohran Mamdani) ने जब अपने पद की शपथ क़ुरान पर ली, तो यह क्षण ऐतिहासिक होने के साथ-साथ अमेरिका की राजनीति में एक बड़े विवाद का कारण बन गया। ममदानी ऐसा करने वाले न्यूयॉर्क के पहले मेयर बन गए हैं।

Zohran Mamdani Quran Oath Controversy
Zohran Mamdani Quran Oath Controversy

जहां एक ओर इसे अमेरिका की धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक माना गया, वहीं दूसरी ओर MAGA (MakeAmerica Great Again) समर्थक और दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़े कई नेताओं ने इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

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MAGA समर्थकों और दक्षिणपंथी नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया

ममदानी की शपथ के बाद कई दक्षिणपंथी टिप्पणीकारों और नेताओं ने इसे अमेरिका की पहचान से जोड़ते हुए आलोचना की। कुछ ने इसे 9/11 की यादों से जोड़ने की कोशिश की, तो कुछ ने दावा किया कि यह अमेरिका के संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।

पूर्व ट्रंप सलाहकार स्टीव बैनन ने इस घटनाक्रम को लेकर मीडिया कवरेज पर भी नाराज़गी जताई और कहा कि कुछ बड़े अख़बार इस कदम की “जरूरत से ज़्यादा प्रशंसा” कर रहे हैं।

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यूरोप से लेकर अमेरिका तक, कई दक्षिणपंथी चेहरों ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर बयान दिए, जिनमें अमेरिका के “धीरे-धीरे बदलते स्वरूप” की बात कही गई। हालांकि, इन प्रतिक्रियाओं की व्यापक स्तर पर आलोचना भी हुई और इन्हें इस्लामोफोबिक सोच से प्रेरित बताया गया।

तीन क़ुरान और उनका ऐतिहासिक महत्व

Zohran Mamdani की शपथ ग्रहण प्रक्रिया सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीकों से भी जुड़ी थी।

सबवे स्टेशन पर हुए पहले समारोह में उन्होंने दो क़ुरानों पर शपथ ली—

  • एक उनके दादा की निजी क़ुरान
  • दूसरी एक छोटी ऐतिहासिक क़ुरान, जो 18वीं या 19वीं सदी की मानी जाती है और न्यूयॉर्क पब्लिक लाइब्रेरी के Schomburg Center for Research in Black Culture के संग्रह का हिस्सा है

लाइब्रेरी की क्यूरेटर हिबा आबिद के अनुसार, यह क़ुरान न्यूयॉर्क सिटी में मुस्लिम समुदाय की गहरी जड़ों और विविधता का प्रतीक है।

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City Hall में होने वाले औपचारिक समारोह के दौरान ममदानी ने अपने दादा और दादी-दोनों की क़ुरान का उपयोग किया, जो उनके पारिवारिक और सांस्कृतिक इतिहास को दर्शाता है।

Zohran Mamdani Quran Oath Controversy
Zohran Mamdani Quran Oath Controversy

धार्मिक स्वतंत्रता बनाम राजनीतिक ध्रुवीकरण

अमेरिकी संविधान किसी भी निर्वाचित प्रतिनिधि को यह स्वतंत्रता देता है कि वह अपने धर्म या विश्वास के अनुसार शपथ ले। इससे पहले भी अमेरिका में सांसदों और अधिकारियों ने बाइबल के अलावा अन्य धार्मिक ग्रंथों पर शपथ ली है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ममदानी के शपथ समारोह को लेकर उठा विवाद कानूनी नहीं, बल्कि वैचारिक और राजनीतिक है। यह अमेरिका में बढ़ते ध्रुवीकरण और अल्पसंख्यक समुदायों के प्रति दृष्टिकोण को उजागर करता है।

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 न्यूयॉर्क की पहचान और भविष्य की राजनीति

न्यूयॉर्क सिटी को लंबे समय से इमिग्रेंट्स और बहुसांस्कृतिक समाज की राजधानी माना जाता रहा है। ममदानी का मेयर बनना और उनका शपथ समारोह इस पहचान को और मज़बूत करता है।

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जहां विरोधी इसे “परंपरा से विचलन” बता रहे हैं, वहीं समर्थक इसे समावेशी लोकतंत्र की जीत मानते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद अमेरिकी राजनीति और आगामी चुनावों पर क्या असर डालता है।

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