डिजिटल अरेस्ट का खौफ: 5 दिन में दिल्ली में बुजुर्गों से 22 करोड़ की साइबर ठगी, ग्रेटर कैलाश में 70 साल की महिला से उड़े 7 करोड़

दिल्ली में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा खुलासा। 5 दिन में बुजुर्गों से 22 करोड़ की ठगी, ग्रेटर कैलाश में 70 साल की महिला से 7 करोड़ उड़े।

Digital Arrest Cyber Fraud Delhi: दक्षिणी दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश पार्ट-1 में रहने वाली 70 वर्षीय महिला कारोबारी साइबर ठगों का शिकार हो गईं। ठगों ने खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर महिला को झूठे मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी में रखते हुए तीन दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा गया। इस दौरान महिला को किसी से संपर्क न करने का दबाव बनाया गया और अलग-अलग बैंक खातों में करीब 7 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। पीड़िता की शिकायत पर ग्रेटर कैलाश थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

5 दिन पहले CR पार्क में NRI दंपती से 18 दिन में 15 करोड़ की ठगी, पैटर्न वही

इससे पहले दक्षिणी दिल्ली के ही सीआर पार्क इलाके में रहने वाले एक एनआरआई दंपती से 15 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की गई थी। इस मामले में ठगों ने दंपती को 18 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। खुद को सीबीआई, ईडी और पुलिस अधिकारी बताकर डराया गया कि उनके खिलाफ गंभीर अंतरराष्ट्रीय अपराध दर्ज हैं। डर के माहौल में दंपती ने अपनी जमा पूंजी अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी। दोनों मामलों में ठगी का तरीका लगभग एक जैसा है, जिससे साफ होता है कि यह संगठित साइबर गिरोह का काम हो सकता है।

Digital Arrest Cyber Fraud Delhi
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अकेले रहने वाले बुजुर्ग बन रहे आसान शिकार, पुलिस ने जारी की चेतावनी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पॉश कॉलोनियों में अकेले रहने वाले बुजुर्ग साइबर ठगों के आसान शिकार बन रहे हैं। ठग उनकी सामाजिक स्थिति, उम्र और डर का फायदा उठाते हैं। ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया भारत में नहीं है, लेकिन इसके बारे में जानकारी की कमी के कारण लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। दिल्ली पुलिस और साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहती। ऐसे किसी भी कॉल पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत करें।

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कैसे बचें डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड से?

  • कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर पैसे नहीं मांगती।
  • वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी जैसी कोई प्रक्रिया नहीं।
  • संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत कॉल काटें।
  • परिवार के सदस्यों को जानकारी दें।
  • 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।

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