ट्रंप का बड़ा बयान: अमेरिका ‘चलाएगा’ वेनेजुएला, तेल इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारेगा US
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला को तब तक चलाएगा जब तक सुरक्षित सत्ता हस्तांतरण नहीं हो जाता। अमेरिकी हमलों के बाद राष्ट्रपति मादुरो गिरफ्तार, तेल इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने की योजना।
Donald Trump Venezuela: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका वेनेजुएला को “चलाएगा” और वहां तब तक प्रशासनिक नियंत्रण बनाए रखेगा, जब तक देश में एक “सुरक्षित, उचित और न्यायसंगत सत्ता परिवर्तन” सुनिश्चित नहीं हो जाता। यह बयान उस समय आया जब अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया गया।

शनिवार तड़के हुए अमेरिकी हमलों के बाद मादुरो और उनकी पत्नी को कराकास से अमेरिकी हेलीकॉप्टर द्वारा बाहर ले जाया गया। पहले उन्हें कैरिबियन सागर में मौजूद USS Iwo Jima पर रखा गया, फिर ग्वांतानामो बे होते हुए न्यूयॉर्क लाया गया। वर्तमान में दोनों न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर, ब्रुकलिन में बंद हैं।
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अमेरिका का आरोप और कानूनी कार्रवाई
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी के अनुसार, मादुरो और फ्लोरेस पर अमेरिका में गंभीर आपराधिक आरोप लगाए गए हैं। इनमें नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी साजिश, मशीन गन और विस्फोटक हथियारों के अवैध कब्जे जैसे आरोप शामिल हैं। बॉन्डी ने सोशल मीडिया पर कहा कि दोनों को “अमेरिकी न्याय व्यवस्था की पूरी ताकत का सामना करना होगा।”
हालांकि, मादुरो पहले भी इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं और अमेरिका पर यह आरोप लगाते आए हैं कि वह “ड्रग्स के खिलाफ युद्ध” को बहाना बनाकर वेनेजुएला के विशाल तेल संसाधनों पर कब्जा करना चाहता है।
तेल इंफ्रास्ट्रक्चर और अमेरिकी कंपनियां
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला का तेल उद्योग लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की बड़ी तेल कंपनियां वहां अरबों डॉलर निवेश करेंगी, टूटे-फूटे तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारेंगी और देश को फिर से आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगी।
अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के अनुसार, वेनेजुएला के पास लगभग 303 अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार है, जो दुनिया के कुल तेल संसाधनों का लगभग 20% है। ट्रंप के बयान से यह साफ है कि अमेरिका की रणनीति में वेनेजुएला का तेल एक अहम भूमिका निभा रहा है।

वेनेजुएला की प्रतिक्रिया
वेनेजुएला सरकार ने अमेरिकी कार्रवाई को “सैन्य आक्रमण” बताते हुए राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि निकोलस मादुरो ही वेनेजुएला के एकमात्र वैध राष्ट्रपति हैं और देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए तैयार है।
हालांकि ट्रंप ने दावा किया कि रोड्रिगेज अमेरिका के साथ सहयोग के लिए तैयार हैं, लेकिन बाद में उन्होंने सरकारी टीवी पर आकर इन बयानों को खारिज कर दिया।
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अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिकी कदम की दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है।
- रूस ने इसे “सशस्त्र आक्रमण” करार दिया।
- चीन ने कहा कि वह एक संप्रभु देश के खिलाफ बल प्रयोग की कड़ी निंदा करता है।
- क्यूबा, ब्राजील और कोलंबिया सहित कई लैटिन अमेरिकी देशों ने भी अमेरिका की आलोचना की।
यूरोपीय देशों ने अपेक्षाकृत संयमित प्रतिक्रिया दी। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने मादुरो को अवैध राष्ट्रपति बताया लेकिन शांतिपूर्ण सत्ता परिवर्तन पर जोर दिया। फ्रांस और यूरोपीय संघ ने भी वेनेजुएला के लोगों की इच्छा के अनुरूप सरकार बनने की बात कही।

आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला को “चलाने” की बात अंतरराष्ट्रीय कानून, क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक राजनीति के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है। तेल संसाधनों से भरपूर इस देश में किसी भी तरह की अस्थिरता पूरे लैटिन अमेरिका को प्रभावित कर सकती है।
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अब दुनिया की नजर इस पर है कि अमेरिका अपने अगले कदम कैसे उठाता है और क्या वेनेजुएला में वास्तव में एक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक सत्ता परिवर्तन संभव हो पाएगा।



