सोने-चांदी की कीमतों में अचानक आई ‘सुनामी’, ₹2.33 लाख के नीचे फिसली चांदी; क्या अब कौड़ियों के दाम मिलेगा सोना?
सोने-चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट! क्या यह निवेश का सही समय है या दाम और गिरेंगे? जानें एक्सपर्ट्स की राय और भविष्य के टारगेट लेवल्स।
Gold Price Drop: 17 फरवरी 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में हलचल मच गई जब सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में ही सोने का भाव ₹2,561 गिरकर ₹1,52,199 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी ने निवेशकों को और भी बड़ा झटका दिया, जिसकी कीमत ₹6,241 की कटौती के साथ ₹2,33,650 प्रति किलो पर सिमट गई। अगर आप भी इस गिरावट को देखकर खरीदारी की सोच रहे हैं, तो रुकिए! पहले यह समझना जरूरी है कि बाजार का ऊंट किस करवट बैठने वाला है।
बाजार में क्यों मची खलबली? इन 2 बड़े कारणों से औंधे मुंह गिरे दाम
दुनिया भर के बाजारों में आई इस सुस्ती के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े ग्लोबल कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं:
- ग्लोबल मार्केट का बंद होना: चीन का बाजार ‘चंद्र नव वर्ष’ (Lunar New Year) के चलते 15 से 23 फरवरी तक बंद है। वहीं, अमेरिका में ‘राष्ट्रपति दिवस’ की छुट्टी के कारण व्यापार ठप रहा। दुनिया के इन दो सबसे बड़े बिजनेस सेंटर्स के बंद होने से ट्रेडिंग वॉल्यूम कम रहा, जिससे कीमतों में गिरावट आई।
- ब्याज दरों और आर्थिक संकेतों का दबाव: निवेशक वर्तमान में वैश्विक मुद्रास्फीति (Inflation) और केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी पर नजर गड़ाए हुए हैं। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने जैसी ‘बिना ब्याज वाली’ संपत्तियों का आकर्षण कम हो जाता है और लोग बॉन्ड्स की तरफ भागते हैं।

एक्सपर्ट की चेतावनी: क्या सोने में आएगी ₹20,000 की और बड़ी गिरावट?
बाजार के दिग्गजों की राय इस समय बंटी हुई है, जो निवेशकों के लिए ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति पैदा करती है। डॉ. धर्मेश भाटिया (एमिरेट्स इन्वेस्टमेंट बैंक): उनका मानना है कि इस हफ्ते की कमजोरी भू-राजनीतिक तनाव (Iran-Russia Peace Talks) से जुड़ी है। यदि शांति वार्ता सफल होती है, तो ‘सेफ हेवन’ के रूप में सोने की मांग कम होगी। ऐसे में सोने में ₹10,000-20,000 और चांदी में ₹30,000-50,000 तक की और गिरावट संभव है। अमित सुरेश जैन (इंटेलिसिस वेंचर्स): इनके अनुसार, चांदी के लिए ₹2.07 लाख का स्तर एक ‘मजबूत सपोर्ट ज़ोन’ है। अगर चांदी इस लेवल को तोड़ती है, तो बड़ी गिरावट आएगी। लेकिन अगर यह दोबारा ₹2.55 लाख के पार निकलती है, तो हम जल्द ही ₹3 लाख का भाव भी देख सकते हैं।
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निवेश की रणनीति: क्या यह खरीदने का सही मौका है?
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वाइस प्रेसीडेंट अक्षा कंबोज के अनुसार, घबराने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक:
- प्रॉफिट बुकिंग का असर: यह गिरावट केवल एक अस्थायी ‘कंसोलिडेशन’ है। पिछले दिनों आई रिकॉर्ड तेजी के बाद निवेशक अपना मुनाफा वसूल रहे हैं।
- खरीदारी का स्तर: एक्सपर्ट्स की सलाह है कि यदि चांदी ₹2.05 लाख से ₹2.10 लाख के दायरे में मिलती है, तो यह फ्रेश इन्वेस्टमेंट के लिए सबसे बेहतरीन मौका साबित हो सकता है।
- लंबी अवधि का नजरिया: सोने की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है। गिरावट के बावजूद कीमतें पिछले सप्ताह के औसत से ऊपर हैं, जो संकेत देता है कि लंबी अवधि में तेजी का रुझान बरकरार रहेगा।



