बिजनौर में हनुमान मंदिर के बाहर चमत्कार? कुत्ते की परिक्रमा के बाद शुरू हुई पूजा, महिलाएं कर रहीं मत्था टेक – Video Viral
बिजनौर में हनुमान जी की मूर्ति की परिक्रमा करता दिखा कुत्ता, अब हो रही उसकी पूजा। महिलाओं द्वारा मत्था टेकने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
Bijnor Dog Worship Video Viral: उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने सोशल मीडिया से लेकर ज़मीनी समाज तक को दो हिस्सों में बांट दिया है। वीडियो में एक कुत्ता हनुमान जी की मूर्ति की परिक्रमा करता दिखाई दे रहा है। पहली नजर में यह दृश्य सामान्य लग सकता है, लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं होता। इस वीडियो के वायरल होते ही गांव में हालात ऐसे बन गए कि अब उसी कुत्ते की पूजा-पाठ शुरू हो गई है। महिलाएं उसके सामने मत्था टेकती दिख रही हैं और इसे “दैवी संकेत” बताया जा रहा है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर प्रिया सिंह नामक यूजर ने पोस्ट किया है। देखते ही देखते यह वीडियो हजारों बार देखा और शेयर किया जाने लगा। अब यह वीडियो न सिर्फ वायरल है, बल्कि धार्मिक आस्था, अंधविश्वास और सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर नई बहस छेड़ चुका है।
हनुमान जी की मूर्ति की परिक्रमा करता दिखा कुत्ता, यहीं से शुरू हुआ मामला
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक कुत्ता हनुमान जी की प्रतिमा के चारों ओर घूम रहा है। कुछ लोगों का दावा है कि यह सामान्य व्यवहार नहीं था, बल्कि यह किसी “दैवी संकेत” का प्रतीक है। वीडियो में मौजूद लोग इसे श्रद्धा से जोड़ते हुए हनुमान जी की कृपा बता रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कुत्ता रोज़ मंदिर के आसपास घूमता था, लेकिन जिस दिन उसने परिक्रमा की, उसी दिन से लोग इसे अलग नजर से देखने लगे। कुछ ही घंटों में यह चर्चा पूरे इलाके में फैल गई कि “हनुमान जी का कोई संकेत मिला है।”

वीडियो वायरल होते ही शुरू हुई कुत्ते की पूजा, महिलाएं कर रहीं मत्था टेक
जैसे-जैसे वीडियो वायरल हुआ, वैसे-वैसे लोगों की आस्था और भावनाएं और गहराती चली गईं। अगले ही दिन मंदिर परिसर में कुछ महिलाएं कुत्ते के सामने हाथ जोड़कर मत्था टेकती नजर आईं। किसी ने उसे फूल चढ़ाए, तो किसी ने प्रसाद। महिलाओं का कहना है कि अगर यह हनुमान जी का संकेत है, तो इसे नज़रअंदाज़ करना पाप होगा। हालांकि कुछ ग्रामीणों ने इसे केवल संयोग बताया, लेकिन भीड़ का रुख साफ तौर पर आस्था की ओर झुका दिखाई दिया। यही वह मोड़ था, जहां यह मामला सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि धार्मिक अंधविश्वास बनाम तर्क की बहस में बदल गया।
सोशल मीडिया पर तीखी बहस, कोई आस्था बता रहा तो कोई अंधविश्वास
वीडियो को पोस्ट करने वाली ट्विटर यूजर प्रिया सिंह (Priya Singh) ने कैप्शन में सवालिया अंदाज में लिखा कि क्या यह आस्था है या अंधविश्वास? इसके बाद कमेंट सेक्शन में बहस छिड़ गई। कुछ यूजर्स ने इसे सनातन परंपरा और आस्था से जोड़ते हुए समर्थन किया, तो वहीं कई लोगों ने इसे शिक्षा और वैज्ञानिक सोच के लिए खतरा बताया। कुछ ने यह भी सवाल उठाया कि क्या सोशल मीडिया ऐसे मामलों को और हवा दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के वीडियो समाज में भ्रम पैदा कर सकते हैं, खासकर तब जब भावनाओं को तर्क से ऊपर रख दिया जाता है।
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सवाल जो खड़े होते हैं
- क्या हर असामान्य घटना को चमत्कार मान लेना सही है?
- क्या सोशल मीडिया आस्था को बढ़ा रहा है या अंधविश्वास को?
- प्रशासन और समाज की जिम्मेदारी क्या बनती है?
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वीडियो की लोकप्रियता को देखते हुए आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गहराने की संभावना है।



