Manikarnika Ghat Demolition Controversy: बुलडोजर एक्शन पर भड़का बनारस, अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति टूटने से मचा सियासी तूफान
मणिकर्णिका घाट पर बुलडोजर एक्शन से बवाल, अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति टूटने का आरोप, सीएम योगी काशी पहुंचे, जानें पूरा विवाद।
Manikarnika Ghat Demolition: वाराणसी के विश्वप्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास कार्य ने अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक विवाद का रूप ले लिया है। बीते दिनों घाट पर बुलडोजर से प्राचीन चबूतरे और देवी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त किए जाने के आरोपों के बाद पूरे देश में विरोध की लहर तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों के बाद स्थानीय जनता से लेकर विपक्षी दलों तक ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काशी पहुंच चुके हैं और माना जा रहा है कि वह इस पूरे मामले पर जल्द ही बड़ा बयान दे सकते हैं।
बुलडोजर एक्शन के बाद उभरा जन आक्रोश
मणिकर्णिका घाट पर नगर निगम की देखरेख में लगभग 25 करोड़ रुपये की पुनर्विकास परियोजना चल रही है। इसी परियोजना के तहत प्रशासनिक जेसीबी मशीनों से एक प्राचीन चबूतरे को हटाया गया। आरोप है कि इस दौरान देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ-साथ माता अहिल्याबाई होल्कर की ऐतिहासिक प्रतिमा भी क्षतिग्रस्त हो गई। जैसे ही इसका वीडियो सामने आया, घाट पर भारी संख्या में लोग जमा हो गए। स्थानीय नागरिकों, साधु-संतों और सामाजिक संगठनों ने इसे काशी की सांस्कृतिक विरासत पर हमला बताया। लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर सदियों पुरानी धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों को नष्ट किया जा रहा है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
विपक्ष का हमला, बीजेपी नेताओं की सफाई

इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी सरकार आस्था और परंपरा को नजरअंदाज कर विकास का दिखावा कर रही है। सपा नेताओं ने इसे “संस्कृति विरोधी कार्रवाई” बताया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं, विवाद बढ़ने के बाद वाराणसी के मेयर और क्षेत्रीय बीजेपी विधायक खुद मणिकर्णिका घाट पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि
- कोई मंदिर नहीं तोड़ा गया है।
- मूर्तियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।
- निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मूर्तियों की ससम्मान पुनर्स्थापना की जाएगी।
इसके साथ ही काशी विद्वत परिषद ने भी लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें।
सीएम योगी का काशी दौरा, प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी नजरें
लगातार बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद काल भैरव मंदिर जाने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, सीएम योगी कुछ ही देर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर सकते हैं, जिसमें वह मणिकर्णिका घाट पर हुए बुलडोजर एक्शन और मूर्ति विवाद पर सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने के साथ-साथ आगे की कार्ययोजना की भी घोषणा कर सकते हैं।
पाल समाज का विरोध और सुरक्षा व्यवस्था
इस विवाद के बाद पाल समाज के लोगों में भी गहरा आक्रोश देखने को मिला। समाज के युवाओं ने घाट पर प्रदर्शन करते हुए कहा कि अहिल्याबाई होल्कर उनकी आस्था और विरासत की प्रतीक हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मूर्तियों की विधिवत पुनर्स्थापना नहीं की गई, तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने घाट क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।



