14 साल की बच्ची हुई लापता, पुलिस प्रशासन मौन

मध्यप्रदेश सरकार भले ही महिलाओं और बेटियो की सुरक्षा को लेकर सजग होने का दावा करती है लेकिन जमीनी स्तर की सच्चाई कुछ और ही है जहा पुलिस प्रशासन की अनदेखी और लापरवाही की वजह से आज भी हमारे देश की बेटियां सुरक्षित नही है शायद यही कारण है कि महिलाओं के ऊपर अत्याचार तेजी से बढ़ रहे और इसी कारण रीवा के चाकघाट से लापता हुई बच्ची का पता 3 दिन बाद भी नही चल पाया है, गुम हुई बच्ची का भाई अपनी बहन की तलाश में रीवा एसपी कार्यालय में न्याय की गुहार लेकर पहुंचा
ग़ुम हुई बच्ची के भाई ने बताया कि,उसकी बहन 17 सितंबर की शाम करीब 7 बजे घर से बड़ी मम्मी के घर जाने के लिए टॉर्च लेकर निकली थी लेकिन वापस में घर नहीं आई जब वह घर पहुंच कर मां से बहन के बारे में पूछा तो उन्होंने बड़ी मम्मी के घर जाने की बात कहीं फिर जब वह बड़ी मम्मी के घर उसे बुलाने के लिए गया तो देखा की बहन वहां पहुंची ही नहीं बहन की तलाश के दौरान घर के बाहर उसके चप्पल और टॉर्च पड़े मिले जिसे देखकर लग रहा था कि उसके साथ किसी ने जबरदस्ती की है तुरंत ही शिकायत दर्ज करने थाना पहुंचे लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नही कि गई . जब उसने मोबाइल हिस्ट्री चेक किया तो चौका देने वाला खुलासा हुआ मोबाइल हिस्ट्री से पता चला की विजय तिवारी नाम के युवक ने किडनैप किया है यह सब बताने के बावजूद पुलिस इसकी कोई भी जांच नही कर रही और बेबस होकर वह रीवा के एसपी ऑफिस पहुंचा और एसपी के समक्ष न्याय की गुहार लगाई बहन की सकुशल लाने की गुहार लगाई और विजय तिवारी सहित उसके परिवार पर अपहरण करने का आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग की. वहीं इस पूरे मामले को एडिशनल एसपी विवेक लाल ने संज्ञान में लिया है
एक सवाल पुलिस की कार्यशैली पर भी खड़ा हो रहा है कि, जनता अपनी परेशानियों को लेकर पुलिस के पास मदद की गुहार लिए पहुंचती तो जरूर है लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जाती अब बेबस होकर उन्हें पुलिस अधिकारियों का सहारा लेना पड़ता है .



