Economic Survey 2025-26: ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की रफ्तार तेज, पीएम मोदी बोले – चुनौतीपूर्ण दौर में भी भारत आगे
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पर पीएम मोदी का बड़ा बयान। ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ से लेकर किसान, MSME, युवा रोजगार और ग्रोथ अनुमान तक पूरी जानकारी पढ़ें।
Economic Survey 2025-26: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 (Economic Survey 2025-26) पेश किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत की विकास यात्रा का मजबूत रोडमैप बताते हुए कहा कि यह सर्वे भारत में चल रही ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की व्यापक और स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि आज पेश की गई आर्थिक समीक्षा एक चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद भारत की निरंतर प्रगति को दर्शाती है। उन्होंने इसे मजबूत आर्थिक बुनियाद, विकास, इनोवेशन और राष्ट्र निर्माण में बढ़ती भूमिका का प्रमाण बताया।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, आर्थिक सर्वेक्षण यह स्पष्ट करता है कि कैसे भारत ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनावों और मंदी के जोखिमों के बावजूद अपनी विकास गति को बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि यह समीक्षा बताती है कि भारत की अर्थव्यवस्था अब केवल स्थिर नहीं, बल्कि सुधारों, उद्यमिता और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के दम पर आगे बढ़ रही है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती देने, उत्पादकता बढ़ाने और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में तेज़ी लाने पर खास जोर दिया गया है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि आर्थिक सर्वे में दिए गए सुझाव आने वाले समय में नीति-निर्माण को दिशा देंगे और निवेशकों के भरोसे को और मजबूत करेंगे।

किसान, MSME और युवाओं पर विशेष फोकस
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की सबसे बड़ी खासियत इसका समावेशी विकास (Inclusive Growth) पर फोकस है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समीक्षा किसानों, एमएसएमई (MSME), युवा रोजगार और समाज कल्याण जैसे अहम क्षेत्रों को केंद्र में रखती है। सर्वे में बताया गया है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार के लिए कई सुधारात्मक कदम जरूरी हैं। वहीं MSME सेक्टर को रोजगार सृजन की रीढ़ बताते हुए इसके लिए आसान फाइनेंस, टेक्नोलॉजी अपनाने और स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया गया है। युवा रोजगार को लेकर भी सर्वे में स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि आने वाले वर्षों में स्टार्टअप, डिजिटल इकोनॉमी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर रोजगार के बड़े स्रोत बन सकते हैं।
अमित शाह बोले – मोदी के नेतृत्व में अर्थव्यवस्था अडिग
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सर्वे उस शक्ति का प्रमाण है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था ने बीते वर्षों में हासिल की है। अमित शाह के अनुसार, महामारी और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता जैसे कठिन दौर में भी भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूती से खुद को संभाला। उन्होंने कहा कि जब दुनिया आर्थिक संकट से जूझ रही थी, तब भारत ने समावेशी दृष्टिकोण अपनाते हुए सभी वर्गों को साथ लेकर प्रगति की। उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत नेतृत्व और दूरदर्शी नीतियों की वजह से ही भारत आज वैश्विक मंच पर एक भरोसेमंद आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है।
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भारत की ग्रोथ पर क्या कहता है Economic Survey 2025-26?
आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। यह अनुमान दर्शाता है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना रहेगा। सर्वे में इंफ्रास्ट्रक्चर, कैपेक्स, डिजिटल इंडिया, ग्रीन एनर्जी और इनोवेशन को भविष्य की ग्रोथ का मुख्य इंजन बताया गया है।



