AI के दौर में TCS की बड़ी छंटनी: 6 महीने में 30 हजार नौकरियां खत्म, क्या 2026 में और बढ़ेगा संकट?
TCS Layoffs News: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के बीच TCS ने 6 महीनों में 30,000 कर्मचारियों की छंटनी की। जानिए छंटनी की असली वजह, आगे क्या होगा और कर्मचारियों पर इसका क्या असर पड़ेगा।
TCS Layoffs News: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह है – बीते छह महीनों में करीब 30,000 कर्मचारियों की छंटनी और आगे भी नौकरी जाने की आशंका। कंपनी ने साफ संकेत दिए हैं कि 2026 में भी यह प्रक्रिया जारी रह सकती है, क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण काम करने के तरीके में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। TCS द्वारा यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब पूरी दुनिया में टेक कंपनियां कॉस्ट कटिंग, ऑटोमेशन और AI टूल्स के जरिए अपने बिजनेस मॉडल को दोबारा ढाल रही हैं।
TCS की फैक्ट शीट ने खोले कई राज
TCS ने अपने अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही नतीजों के साथ जो फैक्ट शीट जारी की, उसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए।
कंपनी के चीफ ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर सुदीप कुन्नुमल (Sudeep Kunnumal) के अनुसार, इस तिमाही में लगभग 1,800 कर्मचारियों को औपचारिक प्रक्रिया के तहत बाहर किया गया। हालांकि फैक्ट शीट में यह भी साफ हुआ कि कुल हेडकाउंट में 11,000 से ज्यादा की गिरावट आई है। इसका मतलब यह है कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने स्वेच्छा से कंपनी छोड़ी, और उन पदों पर दोबारा भर्ती नहीं की गई। फैक्ट शीट एक आधिकारिक दस्तावेज होता है, जिसमें कंपनी की कुल वर्कफोर्स, जॉइनिंग, एग्जिट, रेवेन्यू और मुनाफे का पूरा ब्यौरा दिया जाता है।

लगातार दो तिमाही में घटा TCS का हेडकाउंट
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति और भी गंभीर दिखती है।
- जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में TCS से 19,755 कर्मचारी कम हुए ।
- अक्टूबर-दिसंबर 2025 में 11,151 कर्मचारियों की और कमी आई।
इस तरह, सिर्फ छह महीनों में कंपनी की वर्कफोर्स लगभग 30 हजार घट गई। दिसंबर 2025 के अंत तक TCS में कुल 5,82,163 कर्मचारी रह गए, जबकि एक समय कंपनी का हेडकाउंट 6 लाख से ज्यादा हुआ करता था। यह लगातार दूसरी तिमाही है जब TCS ने नेट आधार पर कर्मचारियों की संख्या घटने की पुष्टि की है।
क्या AI ही है छंटनी की असली वजह?
आमतौर पर यह माना जा रहा है कि AI, ऑटोमेशन, क्लाउड और कोडिंग टूल्स की वजह से TCS जैसी कंपनियां कर्मचारियों की संख्या घटा रही हैं। लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग भी हो सकती है।
ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की एक हालिया रिपोर्ट बताती है कि:
- ज्यादातर छंटनियां सीधे AI की वजह से नहीं
- बल्कि कम परफॉर्मेंस करने वाले कर्मचारियों को हटाने
- और लागत कम करने की रणनीति का हिस्सा हैं।
इसके अलावा, TCS ने हाल के महीनों में वर्क-फ्रॉम-ऑफिस (WFO) नियमों को भी सख्त किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी ऑफिस अटेंडेंस पॉलिसी का लगातार उल्लंघन करता है, तो उसे 2026 की परफॉर्मेंस रेटिंग साइकिल से बाहर किया जा सकता है।
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2026 में क्या और बढ़ेगी छंटनी?
TCS ने यह साफ कर दिया है कि रिस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। कंपनी का कहना है कि:
- हर टर्मिनेशन के पीछे ठोस और वैध कारण होगा।
- सभी फैसले आंतरिक HR प्रक्रिया के तहत ही लिए जाएंगे।
हालांकि कंपनी ने यह नहीं बताया कि 2026 में कितने कर्मचारियों की छंटनी होगी, लेकिन संकेत साफ हैं कि आने वाला साल आईटी कर्मचारियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।



