10 दिन बाद भी लापता अंश-अंशिका (Ansh-Anshika), अब सड़कों पर उतरी भाजपा, रांची SSP ऑफिस घेराव से गरमाई सियासत
रांची के धुर्वा से लापता मासूम अंश और अंशिका की बरामदगी को लेकर भाजपा आज रांची SSP कार्यालय का घेराव करेगी। SIT, छापेमारी और 2 लाख इनाम के बावजूद अब तक कोई सुराग नहीं।
Ranchi SSP Office Siege: रांची (Ranchi) के धुर्वा थाना क्षेत्र से लापता दो मासूम बच्चों-5 वर्षीय अंश (Ansh) और 4 वर्षीय अंशिका (Anshika)- की अब तक सकुशल बरामदगी नहीं होने से आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। घटना के 10 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ खाली होने पर अब मामला सियासी रंग लेने लगा है। बच्चों की सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) रांची एसएसपी कार्यालय का घेराव करने जा रही है।
10 दिन बाद भी खाली हाथ पुलिस, भाजपा (BJP) ने अपनाया आक्रामक रुख
भाजपा नेताओं का कहना है कि पुलिस प्रशासन की सुस्ती और लापरवाही के कारण अब तक बच्चों का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। इसी के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने रांची एसएसपी कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है। सुबह से ही बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग पुलिस मुख्यालय के बाहर जुटने लगे हैं, जिससे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया है। भाजपा का आरोप है कि यदि शुरुआत में ही सख्ती और प्रभावी कार्रवाई होती, तो बच्चों को अब तक खोजा जा सकता था। पार्टी ने इस मामले में राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की है।

2 जनवरी को दुकान से निकले थे अंश-अंशिका (Ansh-Anshika), फिर नहीं लौटे
गौरतलब है कि 2 जनवरी (2 January) को रांची के धुर्वा थाना अंतर्गत मल्लार टोली (Mallar Toli) इलाके से अंश और अंशिका घर के पास स्थित एक दुकान से सामान खरीदने निकले थे। लेकिन इसके बाद दोनों बच्चे घर वापस नहीं लौटे। परिजनों ने जब बच्चों की तलाश की और कोई जानकारी नहीं मिली, तब धुर्वा थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। घटना के बाद से बच्चों के माता-पिता और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पूरे इलाके में डर और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग भी लगातार बच्चों की सकुशल वापसी की मांग कर रहे हैं।
SIT का गठन, चार राज्यों में छापेमारी, फिर भी नहीं मिला सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने 40 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। SIT ने झारखंड के अलावा चार अन्य राज्यों में भी छापेमारी की है। कई संदिग्धों से पूछताछ की गई, सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और तकनीकी जांच भी तेज की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी है। पुलिस ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए यह भी घोषणा की है कि अंश और अंशिका से जुड़ी कोई भी पुख्ता जानकारी देने वाले को 2 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। इसके बावजूद बच्चों का कोई सुराग न मिलना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।
इसे भी पढें: हर की पौड़ी पर ‘शेख’ बनकर वीडियो बनाना पड़ा भारी, यूट्यूब व्यूज के चक्कर में दो युवक पुलिस के शिकंजे में
सियासत और सुरक्षा (Politics and security) व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने झारखंड की कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष का कहना है कि राज्य में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। वहीं, भाजपा के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड में है और SSP कार्यालय के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।



