शाह को सुप्रीमकोर्ट ने लगाई जमकर फटकार

ऑपरेशन सिंदूर विवाद में कर्नल सोफिया कुरैशी (Sofia Qureshi) पर टिप्पणी को लेकर मंत्री विजय शाह (Vijay Shah) को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार, SIT रिपोर्ट पर भी सख्ती।

Vijay Shah: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजय शाह (Vijay Shah) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी (Sofia Qureshi) पर की गई विवादित टिप्पणी के मामले में अदालत ने न सिर्फ उनकी ऑनलाइन माफी को खारिज किया, बल्कि इसे “बेहद देर से की गई औपचारिकता” करार दिया। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि यह कोई वास्तविक माफीनामा नहीं है और अब केवल माफी मांगकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता।

“ये कोई माफीनामा नहीं है” – CJI की दो टूक 

इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता (Dipankar Dutta) और जस्टिस जॉयमाल्या बागची (Joymalya Bagchi) की पीठ ने की। कोर्ट ने विजय शाह (Vijay Shah) की ओर से दी गई ऑनलाइन माफी पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा: “माफी मांगने में अब बहुत देर हो चुकी है। हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि किस तरह की माफी स्वीकार्य होगी।” पीठ ने यह भी कहा कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति की जिम्मेदारी कहीं अधिक होती है और ऐसे संवेदनशील विषयों पर गैर-जिम्मेदाराना बयान लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं।

SIT रिपोर्ट पर सरकार की चुप्पी से नाराज कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इस बात पर भी कड़ी नाराजगी जाहिर की कि मध्य प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट पर कई महीनों से कोई निर्णय नहीं लिया है। कोर्ट को बताया गया कि SIT अपनी जांच पूरी कर चुकी है और रिपोर्ट भी सौंप दी गई है, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इस पर अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा: “हमें बताया गया है कि मामला इस अदालत में लंबित होने के कारण राज्य सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। यह स्वीकार्य नहीं है।”

राज्य सरकार को अभियोजन की मंजूरी के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) सरकार को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि वह कानून के अनुसार अभियोजन की मंजूरी के लिए तुरंत आवश्यक कदम उठाए। अदालत का मानना है कि सिर्फ न्यायिक प्रक्रिया का इंतजार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संवैधानिक जिम्मेदारी निभाते हुए राज्य सरकार को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष लगातार सरकार पर आरोपी मंत्री को बचाने के आरोप लगा रहा है।

मोहन यादव (Mohan Yadav) सरकार में बढ़ी हलचल

सुप्रीम कोर्ट के इस सख्त रुख के बाद मोहन यादव (Mohan Yadav) सरकार में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व इस पूरे मामले पर गंभीर मंथन कर रहा है। डैमेज कंट्रोल की रणनीति के तहत पार्टी विजय शाह से इस्तीफा मांग सकती है, या फिर यह भी संभावना जताई जा रही है कि विजय शाह स्वयं स्वास्थ्य या व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर पद छोड़ सकते हैं।

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बीजेपी की छवि पर असर की आशंका

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला अब सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक और नैतिक बन चुका है। सेना से जुड़ी अधिकारी पर टिप्पणी और उस पर देर से दी गई माफी ने पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बीजेपी नेतृत्व इस संकट से कैसे निपटता है और क्या विजय शाह मंत्रिमंडल में बने रह पाएंगे या नहीं।

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