मुंबई में बनेगा इंडिया गठबंधन का मेयर, पलट गई बाजी….

BMC Mayor Election में आरक्षण लॉटरी ने बदला खेल? उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के बयान से महाराष्ट्र की राजनीति गरम, जानिए कैसे बन सकता है INDIA गठबंधन का मेयर।

BMC Mayor Election: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) एक बार फिर सियासी रणभूमि बन चुकी है। बहुमत से दूर होने के बावजूद शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे का यह कहना कि “भगवान की मर्जी होगी तो हमारी पार्टी का मेयर बनेगा” महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल पैदा कर गया है। सवाल यही है – क्या वाकई मुंबई में INDIA गठबंधन का मेयर बन सकता है? इस पूरे सियासी गणित की चाबी 22 जनवरी को निकलने वाली मेयर पद की आरक्षण लॉटरी के हाथ में है, जिस पर सत्ता का भविष्य टिका हुआ है।

आरक्षण की लॉटरी और सत्ता का गणित

बीएमसी में मेयर पद का चयन आरक्षण की रोटेशन पद्धति से होता है। पिछली बार मेयर पद ओपन (जनरल) कैटेगरी से था, लेकिन इस बार यह श्रेणी सूची से बाहर है। नियमों के अनुसार इस बार मेयर पद SC, OBC या ST कैटेगरी में से किसी एक के लिए आरक्षित होगा।

  • SC या OBC कैटेगरी आने पर महायुति (बीजेपी + शिंदे शिवसेना) की स्थिति मजबूत मानी जा रही है।
  • लेकिन अगर ST महिला या ST पुरुष कैटेगरी निकलती है, तो पूरा खेल पलट सकता है।

यही वह बिंदु है जहां उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी को अप्रत्याशित बढ़त मिलती दिख रही है।

ST कैटेगरी आई तो उद्धव गुट को बढ़त क्यों?

अगर मेयर पद ST कैटेगरी के लिए आरक्षित होता है, तो बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के पास इस श्रेणी में कोई मजबूत चेहरा मौजूद नहीं है। वहीं शिवसेना (यूबीटी) के पास योग्य उम्मीदवार उपलब्ध हैं।

ऐसी स्थिति में महायुति के सामने केवल दो विकल्प बचते हैं:

  1. दो-तिहाई बहुमत जुटाकर तोड़फोड़ करना, यानी ST कैटेगरी के पार्षद को अपने पाले में लाना।
  2. मेयर पद शिवसेना (यूबीटी) को सौंप देना

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पहला विकल्प आसान नहीं होगा, क्योंकि दलबदल कानून और राजनीतिक दबाव बड़ी बाधा बन सकते हैं। इसी वजह से उद्धव ठाकरे का बयान केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि रणनीतिक संकेत भी माना जा रहा है।

बीजेपी बनाम INDIA गठबंधन – बयानबाज़ी तेज

बीजेपी ने उद्धव ठाकरे के दावे को “मुंगेरीलाल के हसीन सपने” करार दिया है। पार्टी का साफ कहना है कि किसी भी हाल में मुंबई का मेयर महायुति का ही बनेगा। वहीं कांग्रेस नेता नाना पटोले ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि
“अगर बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस को उद्धव ठाकरे का समर्थन करना पड़ा, तो पार्टी इसके लिए तैयार है। अंतिम फैसला आलाकमान करेगा।” इस बयान ने साफ कर दिया है कि INDIA गठबंधन इस मौके को हाथ से जाने नहीं देना चाहता और जरूरत पड़ी तो अंदरूनी मतभेदों को भी किनारे रखा जा सकता है।

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BMC मेयर चुनाव क्यों है इतना अहम?

  • BMC देश की सबसे अमीर नगर निगम है।
  • सालाना बजट कई राज्यों से ज्यादा
  • 2024 के लोकसभा चुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक संदेश बेहद अहम

मुंबई (Mumbai) का मेयर बनना सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में शक्ति प्रदर्शन का प्रतीक है।

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