साउदी अरब के मदीना पहुंची स्मृति ईरानी का हुआ भारी विरोध
केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मुस्लिमों के लिए सबसे पवित्र शहरों में प्रख्यात साउदी अरब के मदीना का दौरा किया है। ईरानी ने अपने दौरे की तस्वीरों को सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर साझा करते हुए लिखा कि आज मदीना की ऐतिहासिक यात्रा की, जिसमें इस्लाम के सबसे पवित्र शहरों में से एक, श्रद्धेय पैगंबर की मस्जिद की परिधि, अल मस्जिद अल नबवी, उहुद के पहाड़ और क्यूबा मस्जिद की परिधि - इस्लाम की पहली मस्जिद की यात्रा शामिल थी। अब इसी पोस्ट के कमेंट में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और लोगो ने स्मृति को खडी खोटी सुनाते हुए जबरदस्त ट्रॉल कर दिया है।

केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मुस्लिमों के लिए सबसे पवित्र शहरों में प्रख्यात साउदी अरब के मदीना का दौरा किया है। ईरानी ने अपने दौरे की तस्वीरों को सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर साझा करते हुए लिखा कि आज मदीना की ऐतिहासिक यात्रा की, जिसमें इस्लाम के सबसे पवित्र शहरों में से एक, श्रद्धेय पैगंबर की मस्जिद की परिधि, अल मस्जिद अल नबवी, उहुद के पहाड़ और क्यूबा मस्जिद की परिधि – इस्लाम की पहली मस्जिद की यात्रा शामिल थी। अब इसी पोस्ट के कमेंट में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और लोगो ने स्मृति को खडी खोटी सुनाते हुए जबरदस्त ट्रॉल कर दिया है।
बता दे किसी ने लिखा कि हिपोक्रेसी की भी सीमा होती है तो किसी ने कह दिया कि मोदी जी के लिए क्या क्या करना पड़ता है। किसी ने तंज कसा कि अच्छा लेकिन अभी क्यो? तो किसी ने लिख डाला की भक्त कहा है।बताते चलें उमींदर देवपत नामक यूजर ने लिखा कि मक्का मदीना, राम राम क्या कह रही हैं आप, मुसलमानों के तीर्थ स्थल मक्का मदीना में गई हैं, फिर तो ज़रूर अपने पापों के प्रायश्चित करने ही गई होंगी, खैर ऊपर वाला धर्म जाति का भेद नहीं करता जो उसके दरबार में हाज़िरी देता है उसके गुनाहों को माफ़ करता है। वही विजय भारत ने कहा कि आप वहीं रह जाओ कम से कम देश का कुछ भला तो होगा। और लगे हाथ तुम्हें हज मुबारक अपने चेलों को भी ले जाओ साथ में।। देश में कुछ शांति तो रहेगी।
गौरतलब है कि लोग यही नही रुके ब्लकि किसी ने तो अनुराग ठाकुर और कपिल शर्मा को टैग करते हुए यहां तक लिख डाला कि दिल्ली में वो कौन-सा नारा लगाते हो तुम बताना जरा मैं भूल गया हूँ। क्योंकि तुम्हारी दीदी उन्हीं की शरण में गई है।@BJP4India तुम्हारे धर्म की राजनीति में नेता चले उनके द्वारे।


