शेयर बाजार में आया ‘सुनामी’ जैसा उछाल: 15 मिनट में निवेशकों की जेब में आए 13 लाख करोड़, क्या आपने भी कमाए?
शेयर बाजार में ऐतिहासिक तेजी! भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद Sensex 3500 अंक उछला, निवेशकों ने कमाए 13 लाख करोड़ रुपये। जानें बाजार में रॉकेट जैसी तेजी के 5 बड़े कारण।
Share Market Jump Today: भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को इतिहास रच दिया है। बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर उत्सव का माहौल दिखा और Sensex 3,500 अंक की ऐतिहासिक छलांग लगाकर 85,323 के स्तर पर जा पहुंचा। वहीं, Nifty 50 ने भी लगभग 1,200 अंकों की बढ़त के साथ 26,308 का नया शिखर छू लिया। इस तूफानी तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रेडिंग शुरू होने के महज 15 मिनट के भीतर निवेशकों की संपत्ति में 13 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप अब बढ़कर 468.32 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप के एक ऐलान ने बदल दी बाजार की किस्मत
इस महा-रैली के पीछे सबसे बड़ी और अहम वजह भारत और अमेरिका के बीच हुई बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से एक बड़ी घोषणा की गई, जिसमें उन्होंने भारत पर लगने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) को 50% से घटाकर सीधे 18% करने का फैसला किया है। इसके बदले में भारत ने भी अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ कम करने पर सहमति जताई है। इस समझौते ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के मन में चल रहे डर को खत्म कर दिया है। लंबे समय से जो दबाव बाजार पर बना हुआ था, वह इस डील के साथ ही हवा हो गया।

रुपया हुआ मजबूत और FIIs की ‘शॉर्ट कवरिंग’ ने भरा जोश
बाजार को दूसरा बड़ा सहारा भारतीय रुपये की मजबूती से मिला। रुपया पिछले बंद स्तर के मुकाबले 90.40 के स्तर पर खुला। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-यूएस ट्रेड डील के साथ-साथ भारत-EU ट्रेड डील की सकारात्मक खबरों ने रुपये की साख बढ़ाई है। इसके अलावा, तकनीकी मोर्चे पर FII (Foreign Institutional Investors) की शॉर्ट कवरिंग ने आग में घी का काम किया। बाजार तकनीकी रूप से ‘ओवरसोल्ड’ ज़ोन में था, जहाँ शॉर्ट पोजीशन 90% तक पहुंच चुकी थीं। जैसे ही ट्रेड डील की खबर आई, बिकवाली करने वाले ट्रेडर्स अपनी पोजीशन कवर करने को मजबूर हो गए, जिससे निफ्टी रॉकेट की तरह ऊपर भागा।
बजट 2026 और हैवीवेट शेयरों का ‘पावर शो’
यूनियन बजट 2026 में केंद्र सरकार ने कैपेक्स (Capital Expenditure) यानी बुनियादी ढांचे पर खर्च को प्राथमिकता दी है। इससे कंपनियों की ऑर्डर बुक मजबूत होने की उम्मीद है। बजट के इस ‘ग्रोथ ओरिएंटेड’ नजरिए ने निवेशकों के भरोसे को और पुख्ता किया है। बाजार के दिग्गजों ने इस तेजी का नेतृत्व किया:
- अडानी पोर्ट्स: 8% की भारी बढ़त।
- रिलायंस इंडस्ट्रीज: लगभग 4% का उछाल।
- बैंकिंग सेक्टर: HDFC बैंक और ICICI बैंक में 5% तक की तेजी।
- अन्य: L&T, इंफोसिस और बजाज फाइनेंस जैसे दिग्गज शेयरों ने इंडेक्स को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचाया।
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बाजार में तेजी के 5 मुख्य कारण (Quick Summary):
| कारण (Reason) | प्रभाव (Effect) |
| भारत-US ट्रेड डील (India-US trade deal) | टैरिफ 50% से घटकर 18% हुआ, निवेशकों का उत्साह बढ़ा। |
| रुपये में मजबूती (Strengthening of the rupee) | 90.40 के स्तर पर ओपनिंग, करेंसी स्टेबिलिटी से बाजार को सहारा। |
| FII शॉर्ट कवरिंग (FII short covering) | ओवरसोल्ड मार्केट में तेज रिकवरी, निफ्टी 26,000 के पार। |
| बजट 2026 (Budget 2026) | कैपेक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस से विकास की उम्मीद। |
| हैवीवेट स्टॉक्स (Heavyweight stocks) | रिलायंस और अडानी जैसे बड़े शेयरों में भारी खरीदारी। |



