REWA: कलेक्ट्रेट के अंदर ही चल रहा था रिश्वत का धंधा,कलेक्टर को नहीं लगी भनक

रीवा कलेक्ट्रेट में कलेक्टर के नाक के नीचे उजगार हुआ रिश्वतखोरी का काला खेल दरअसल रीवा लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों कलेक्ट्रेट के बाबू को एक हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है यह कार्रवाई मंगलवार दोपहर कलेक्ट्रेट स्थित भू अर्जन शाखा में की गई.

https://youtu.be/bChnhkPTOOM?si=qRTd0j_HiJXLGJRb

इस पूरे मामले लोकायुक्त एएसपी ने दिया बड़ा बयान

इस मामले की जानकारी देते हुए लोकायुक्त एएसपी प्रवीण सिंह परिहार ने बताया कि आरोपी सहायक ग्रेड 3 के कर्मचारी हीरामणि तिवारी है जिसने शिकायतकर्ता से उसके जमीन की मुआवजा अवॉर्ड राशि 2 लाख 62 हजार 99 रूपए स्वीकृत करवाने की एवज में रिश्वत मांगी थी जिसकी शिकायत शिकायतकर्ता ने रीवा लोकायुक्त टीम के पास की थी जब लोकायुक्त द्वारा इस बात का सत्यापन कराया गया तो आरोप सही पाए गए,मिली जानकारी के अनुसार रिश्वत ना मिलने के कारण आरोपी के पास प्रकरण 25 सितंबर 2024 से लंबित था,मंगलवार को पुलिस अधीक्षक के निर्देश में टीम गठित कर आरोपी हीरामणि तिवारी को शिकायतकर्ता से एक हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप कर लिया गया.

वहीं इस पूरे मामले मे शिकायतकर्ता सुनील पांडेय ने बताया कि मेरा मुआवजा जो मुझे काफी पहले मिल जाना था, वो 2017 से अधर में लटका हुआ है। मैं आवेदन लेकर कलेक्टर मैडम के पास गया था। कलेक्टर मैडम ने मुझे भू-अर्जन अधिकारी के पास भेज दिया। जब मैं भू अर्जन विभाग के बाबू से मिला तो उसने कहा कि काम तो हो जाएगा। लेकिन पैसे लगेंगे। मैं 1500 रूपए पहले ही दे चुका था। मैंने उसके बाद पैसे नहीं दिए तो काम लटकाए रखा। अंत में मैंने मजबूर होकर लोकायुक्त में शिकायत की।

Related Articles

Back to top button