शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध को मिलेगी नई दिशा: लखनऊ विश्वविद्यालय के नए कुलपति बने प्रो. जय प्रकाश सैनी
लखनऊ विश्वविद्यालय के नए कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने कहा कि उनका मुख्य फोकस अकादमिक गुणवत्ता, शोध और रैंकिंग सुधार पर होगा। जानिए उनकी प्राथमिकताएं और प्रशासनिक अनुभव।
Lucknow University VC: लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) को नया नेतृत्व मिल गया है। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रो. जय प्रकाश सैनी को लखनऊ विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया है। अपनी नियुक्ति के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता (Academic Quality) और अनुसंधान (Research) को नई ऊंचाइयों तक ले जाना होगा।

प्रो. सैनी वर्तमान में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर के कुलपति के रूप में कार्यरत हैं और इससे पहले भी वे कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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मजबूत मानव संसाधन LU की सबसे बड़ी ताकत
नियुक्ति के बाद टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में प्रो. जय प्रकाश सैनी ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय के पास मजबूत मानव संसाधन मौजूद हैं।
उन्होंने कहा,
“मैं जिस भी कार्य की जिम्मेदारी लेता हूं, उसमें गुणवत्ता को प्राथमिकता देता हूं—चाहे वह अकादमिक हो या शोध। लखनऊ विश्वविद्यालय इस मामले में सौभाग्यशाली है क्योंकि यहां पर्याप्त और योग्य फैकल्टी उपलब्ध है।”
उनका मानना है कि विश्वविद्यालय में अपार संभावनाएं हैं और यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो आने वाले समय में LU की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में निश्चित रूप से सुधार होगा।
राज्यपाल की विज़न को साकार करने की तैयारी
प्रो. सैनी ने बताया कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल विश्वविद्यालयों की रैंकिंग, गुणवत्ता शिक्षा और अकादमिक अनुशासन को लेकर बेहद गंभीर हैं।
उन्होंने कहा कि वे कुलाधिपति की इस सोच को ज़मीन पर उतारने का हर संभव प्रयास करेंगे।
“राज्यपाल महोदया का फोकस क्वालिटी एजुकेशन और संस्थानों की वैश्विक पहचान पर है। मैं उनके विज़न के अनुरूप विश्वविद्यालय के विकास के लिए कार्य करूंगा।”
यह बयान स्पष्ट करता है कि आने वाले समय में लखनऊ विश्वविद्यालय में NEP 2020, शोध परियोजनाओं, प्रकाशनों और नवाचार पर विशेष जोर दिया जाएगा।
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लंबा प्रशासनिक अनुभव बनेगा LU के लिए फायदेमंद
जब उनसे पूछा गया कि एक IITian और तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति होने के नाते वे 100 वर्ष से अधिक पुराने राज्य विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी को कैसे देखते हैं, तो उन्होंने आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया।
प्रो. सैनी ने कहा, “मैं अब तक तीन राज्य विश्वविद्यालयों में सेवाएं दे चुका हूं और यह मेरा चौथा राज्य विश्वविद्यालय होगा। मैं राज्य शिक्षा प्रणाली से पूरी तरह परिचित हूं।”

उन्होंने अपने प्रशासनिक अनुभव का उल्लेख करते हुए बताया कि वे GB Pant Technical University में अतिरिक्त परीक्षा नियंत्रक रह चुके हैं, जहां उन्होंने एक नई परीक्षा प्रणाली विकसित की थी, जो आज भी लागू है।
इसके अलावा वे UPSEE (उत्तर प्रदेश राज्य प्रवेश परीक्षा) के समन्वयक भी रहे हैं और वर्ष 2004 में उन्होंने इस परीक्षा प्रणाली को विकेंद्रीकृत कर ऑनलाइन किया था—जो अपने समय से काफी आगे की पहल थी।
LU के लिए जल्द बनेगा रोडमैप
प्रो. सैनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अभी तक लखनऊ विश्वविद्यालय के लिए कोई अंतिम लक्ष्य तय नहीं किया है।
उनका कहना है कि वे सभी विभागों के शिक्षकों और अधिकारियों से चर्चा के बाद एक व्यावहारिक और समावेशी रोडमैप तैयार करेंगे।
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“विश्वविद्यालय का विकास तभी संभव है जब सभी स्टेकहोल्डर्स को साथ लेकर चला जाए।”
पांच महीने से खाली था VC का पद
गौरतलब है कि लखनऊ विश्वविद्यालय में कुलपति का पद पिछले पांच महीनों से रिक्त था।
पूर्व कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय को 30 जुलाई को IIM कोलकाता का निदेशक नियुक्त किए जाने के बाद यह पद खाली हो गया था। इसके बाद 17 जुलाई को कुलाधिपति द्वारा आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
प्रो. सैनी ने कहा कि वे राज्यपाल से चर्चा के बाद जल्द ही कार्यभार ग्रहण करने की तारीख तय करेंगे।



