“टीम इंडिया से बाहर रहने का दर्द था, लेकिन हार नहीं मानी” – ईशान किशन का करारा जवाब, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में रचा इतिहास

टीम इंडिया से लंबे समय तक बाहर चल रहे ईशान किशन ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी फाइनल में शतक जड़कर आलोचकों को करारा जवाब दिया। जानिए उनके संघर्ष, बयान और भविष्य की रणनीति।

Ishan Kishan Comeback: भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन हर खिलाड़ी का सफर आसान नहीं होता। टीम इंडिया से बाहर चल रहे विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन (Ishan Kishan) ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2024-25 के फाइनल में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने चयनकर्ताओं और आलोचकों – दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया। लंबे समय से राष्ट्रीय टीम से दूर रहने के बाद ईशान ने पहली बार खुलकर अपने मन की बात कही।

Ishan Kishan Comeback
Ishan Kishan Comeback

नई दिल्ली में खेले गए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी फाइनल में झारखंड की कप्तानी कर रहे ईशान किशन (Ishan Kishan ने 49 गेंदों में 101 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस पारी में 10 छक्के और 8 चौके शामिल थे। झारखंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 262/3 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो टूर्नामेंट इतिहास के सबसे बड़े स्कोर में से एक है।

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ईशान ने कुमार कुशाग्र के साथ दूसरे विकेट के लिए 177 रनों की साझेदारी की। कुशाग्र ने भी 38 गेंदों में 81 रन बनाकर टीम को मज़बूत स्थिति में पहुंचाया। यह झारखंड की पहली घरेलू T20 ट्रॉफी थी, जिसने टीम के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा।

टीम इंडिया से बाहर रहने पर ईशान किशन (Ishan Kishan) का दर्द 

मैच के बाद ईशान किशन ने पहली बार अपने लंबे टीम इंडिया स्नब पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा,

“जब मैं अच्छा प्रदर्शन कर रहा था और फिर भी टीम में नहीं चुना गया, तो मुझे बुरा लगा। लेकिन मैंने खुद से कहा कि शायद मुझे और बेहतर करना होगा।”

Ishan Kishan Comeback
Ishan Kishan Comeback

2023 के बाद अनुशासनात्मक कारणों से टीम इंडिया से बाहर चल रहे ईशान के लिए यह दौर मानसिक रूप से काफी कठिन रहा। तत्कालीन कोच राहुल द्रविड़ और चयनकर्ता अजीत अगरकर के कार्यकाल में उनका नाम लगातार नज़रअंदाज़ किया गया। ईशान ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि हताशा सबसे बड़ी दुश्मन होती है।

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“फ्रस्ट्रेशन आपको एक कदम पीछे ले जाता है। खुद पर विश्वास रखिए और मेहनत करते रहिए।”

अब उम्मीद नहीं, सिर्फ प्रदर्शन – ईशान किशन 

भले ही उनका प्रदर्शन शानदार रहा हो, लेकिन आगामी T20 वर्ल्ड कप में उनकी वापसी मुश्किल मानी जा रही है। इस पर ईशान ने बेहद परिपक्व प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,

“अब मैं उस ज़ोन में नहीं हूं जहां सिर्फ उम्मीद करता रहूं। मेरा काम सिर्फ रन बनाना है।”

Ishan Kishan Comeback
Ishan Kishan Comeback

फाइनल मुकाबले में हरियाणा की टीम 193 रन पर सिमट गई। झारखंड की ओर से अनुकुल रॉय ने शानदार गेंदबाजी की। यशवर्धन दलाल का अर्धशतक भी हरियाणा को हार से नहीं बचा सका। ईशान के लिए यह जीत बेहद खास रही।

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“यह मेरी कप्तानी में सबसे खुशी का पल है। अब मुझे अपने खेल पर और ज्यादा भरोसा हो गया है।”

निष्कर्ष (Conclusion) 

ईशान किशन (Ishan Kishan) की यह कहानी सिर्फ एक शतक की नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल है। टीम इंडिया से बाहर रहना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता, लेकिन ईशान ने घरेलू क्रिकेट को अपना मंच बनाकर यह दिखा दिया कि क्लास कभी आउट ऑफ फॉर्म नहीं होती।

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अगर वह इसी निरंतरता के साथ प्रदर्शन करते रहे, तो टीम इंडिया का दरवाज़ा एक बार फिर ज़रूर खुलेगा।

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