ट्रंप का Venezuela को लेकर बड़ा और आक्रामक बयान: “अमेरिका लेगा Venezuela का तेल, दोबारा बनाएंगे देश”
ट्रंप ने Venezuela के भविष्य को लेकर युद्ध जैसे बयान दिए। अमेरिका तेल पर नियंत्रण, सैन्य भूमिका और Maduro के बाद की रणनीति पर क्या सोच रहा है, पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
Trump Venezuela Oil Plan: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Venezuela को लेकर ऐसा बयान दिया है जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है।

New York Times को दिए गए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन Venezuela के तेल संसाधनों को “अपने नियंत्रण में लेगा” और देश को “लाभकारी तरीके से दोबारा खड़ा करेगा”। यह बयान ऐसे समय आया है जब Venezuela पहले से ही राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट और अंतरराष्ट्रीय दबाव से जूझ रहा है।
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Venezuela के तेल पर अमेरिका की नजर
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि Venezuela के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है और अमेरिका इसे नजरअंदाज नहीं कर सकता। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका अनिश्चित काल तक Venezuela के तेल निर्यात को नियंत्रित करेगा।
अमेरिकी ऊर्जा सचिव Chris Wright ने तर्क दिया कि इस कदम का मकसद Caracas की अंतरिम सरकार पर दबाव बनाना है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा,
“हम तेल का इस्तेमाल करेंगे, हम तेल लेंगे और इससे तेल की कीमतें नीचे लाएंगे।”
हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि Venezuela की तेल इंडस्ट्री को पूरी तरह दोबारा चालू करने में समय लगेगा, क्योंकि वर्षों की कुप्रबंधन नीति और अमेरिकी प्रतिबंधों ने उत्पादन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
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Maduro के बाद कौन? ट्रंप का चौंकाने वाला रुख
सबसे ज्यादा विवाद ट्रंप के उस बयान से हुआ जिसमें उन्होंने Venezuela की अंतरिम नेता Delcy Rodríguez को लेकर कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio उनके साथ लगातार संपर्क में हैं।
यह वही Rodríguez हैं जिन्हें Venezuela की सुप्रीम कोर्ट – जो Maduro समर्थकों के नियंत्रण में है – ने अंतरिम नेता घोषित किया था। ट्रंप ने कहा कि
“वह हमें वह सब दे रही हैं जो हमें जरूरी लगता है।”
जब पत्रकारों ने पूछा कि अमेरिका ने Rodríguez को नेता क्यों माना, तो ट्रंप ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
इस बीच, कई Venezuelan विश्लेषकों को उम्मीद थी कि Maduro के पतन के बाद विपक्षी नेता Edmundo González और María Corina Machado की सत्ता में वापसी होगी। लेकिन ट्रंप ने Machado को “पर्याप्त सम्मान और समर्थन न होने” का हवाला देकर खारिज कर दिया।

अमेरिकी सीनेट का विरोध और भविष्य की रणनीति
जहां एक ओर ट्रंप सैन्य और आर्थिक हस्तक्षेप पर जोर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी सीनेट ने उनके खिलाफ कदम उठाया है। गुरुवार को सीनेट ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें ट्रंप प्रशासन को Venezuela में आगे किसी भी सैन्य कार्रवाई से रोकने की मांग की गई।
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यह प्रस्ताव War Powers Act के तहत लाया गया है और ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में पहली बार सीनेट ने राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों को सीमित करने की कोशिश की है। हालांकि यह अभी प्रतीकात्मक माना जा रहा है क्योंकि इसे हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स से भी पास होना होगा और राष्ट्रपति के पास वीटो का अधिकार भी है।
Machado और González की स्थिति
María Corina Machado, जिन्हें 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनने से रोका गया था, अब भी González को Venezuela का वैध राष्ट्रपति मानती हैं। González को चुनाव के बाद देश छोड़ना पड़ा, जबकि Machado गुप्त रूप से Venezuela में रह रही थीं।
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दिसंबर में Machado ने बेहद जोखिम भरे सफर के बाद ओस्लो पहुंचकर नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि Maduro की सत्ता का पतन “आजादी की वापसी की शुरुआत” है और पहला कदम 800 से ज्यादा राजनीतिक कैदियों की रिहाई होना चाहिए।



