MGNREGA Bachao Abhiyan: कांग्रेस ने बताया ‘नोटबंदी जैसा एकतरफा निर्णय’, 5 जनवरी से देशव्यापी आंदोलन का ऐलान
कांग्रेस ने MGNREGA को खत्म करने के मोदी सरकार के फैसले को नोटबंदी जैसा एकतरफा कदम बताया है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने 5 जनवरी 2026 से देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया।
MGNREGA Bachao Abhiyan: कांग्रेस पार्टी ने महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को लेकर मोदी सरकार के हालिया फैसले पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इस निर्णय को नोटबंदी जैसा एकतरफा और तानाशाही फैसला करार देते हुए कहा कि इससे देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।

कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वह 5 जनवरी 2026 से ‘MGNREGA बचाओ अभियान’ की शुरुआत करेगी, जो पूरे देश में चलाया जाएगा। पार्टी का दावा है कि सरकार द्वारा MGNREGA को हटाकर उसकी जगह नई योजना VB-GRAMG लागू करना करोड़ों गरीबों के रोजगार के अधिकार पर सीधा हमला है।
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CWC की मैराथन बैठक के बाद बड़ा फैसला
कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की लगभग तीन घंटे चली लंबी बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद पार्टी ने पांच सूत्रीय संकल्प पत्र पढ़ा, जिसमें कहा गया कि कांग्रेस हर लोकतांत्रिक तरीके से इस फैसले का विरोध करेगी।
कांग्रेस का आरोप है कि MGNREGA को खत्म करना केवल एक योजना को बदलना नहीं, बल्कि मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों को सरकारी ‘दया’ में बदलने की कोशिश है।
राहुल गांधी का आरोप: ‘वन मैन शो’ की राजनीति
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह फैसला प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने अकेले लिया है।
उन्होंने दावा किया,
“मुझे बताया गया है कि इस फैसले में न तो संबंधित मंत्री से और न ही कैबिनेट से राय ली गई। यह पूरी तरह से वन मैन शो है।”
राहुल गांधी ने कहा कि MGNREGA को बिना किसी अध्ययन के खत्म कर दिया गया, जबकि यह योजना देश के सबसे कमजोर तबकों के लिए जीवनरेखा रही है।

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‘गरीबों से पैसा छीनकर अरबपतियों को फायदा’
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और खड़गे दोनों ने आरोप लगाया कि MGNREGA से हटाया गया पैसा अरबपतियों जैसे अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
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खड़गे ने कहा कि सरकार यह दावा करती है कि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, लेकिन वही सरकार MGNREGA के बजट का 30% वहन करने में असमर्थ है।उनका कहना है कि इस वित्तीय बोझ को राज्यों पर डालने से विकास कार्य रुक जाएंगे और गरीब राज्यों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।
ग्रामीण भारत पर पड़ेगा गहरा असर
कांग्रेस के अनुसार, MGNREGA को खत्म करने से सबसे ज्यादा नुकसान
- SC/ST समुदाय
- OBC वर्ग
- महिलाएं
- अल्पसंख्यक
- ग्रामीण गरीब
को होगा। पार्टी ने चेतावनी दी कि इससे गांवों में बेरोजगारी बढ़ेगी, पलायन तेज होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर पड़ेगी।

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विपक्ष की एकजुटता का दावा
राहुल गांधी ने विश्वास जताया कि इस मुद्दे पर पूरा विपक्ष एकजुट होगा। उन्होंने कहा कि जैसे किसानों के आंदोलन के दबाव में सरकार को तीन कृषि कानून वापस लेने पड़े थे, वैसे ही MGNREGA को लेकर भी सरकार को पीछे हटना पड़ेगा।
खड़गे ने चेतावनी देते हुए कहा, “MGNREGA पर निर्भर लोग गुस्से में हैं और यही गुस्सा इस सरकार को भारी पड़ेगा।”
चुनाव और मतदाता सूची पर भी चर्चा
CWC बैठक में SIR (Special Intensive Revision) और चुनाव आयोग को लेकर भी चर्चा हुई। खड़गे ने आरोप लगाया कि BJP और EC के बीच सांठगांठ है और पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि हाशिए के समुदायों के वोट न काटे जाएं।
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