Holika Dahan 2026: क्या रात 1 बजे के बाद ही जलेगी होली? जानें भद्रा का साया और धन-आरोग्य के 5 अचूक उपाय

होलिका दहन 2026 शुभ मुहूर्त, भद्रा काल का समय और धन-समृद्धि के अचूक ज्योतिषीय उपाय। जानें 2 मार्च को होलिका दहन का सही समय और चंद्र ग्रहण का प्रभाव।

Holika Dahan Muhurat and Upay: भारतीय संस्कृति में बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व ‘होलिका दहन’ बेहद खास महत्व रखता है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह त्यौहार न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। इस वर्ष होलिका दहन की तिथि और समय को लेकर लोगों में काफी असमंजस है, क्योंकि इस बार भद्रा काल और अगले दिन लगने वाले चंद्र ग्रहण ने गणना को थोड़ा जटिल बना दिया है। अगर आप भी अपनी लव-लाइफ, करियर या आर्थिक तंगी से परेशान हैं, तो होलिका दहन की अग्नि आपके जीवन की नकारात्मकता को भस्म कर सकती है। आइए जानते हैं होलिका दहन शुभ मुहूर्त और उपाय की पूरी जानकारी।

होलिका दहन 2026 मुहूर्त: भद्रा के साये में कब जलेगी होली?

इस साल फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2 मार्च को शाम 5:15 बजे से शुरू हो रही है, जो 3 मार्च को दोपहर 4:33 बजे तक रहेगी। शास्त्रों के अनुसार, होलिका दहन हमेशा भद्रा रहित प्रदोष काल में किया जाना चाहिए। लेकिन इस बार भद्रा का प्रभाव होने के कारण मुहूर्त में थोड़ा बदलाव है।

  • होलिका दहन का सबसे सटीक समय: रात 01:25 बजे से 02:35 बजे तक (2 मार्च की मध्यरात्रि)।
  • कुल अवधि: लगभग 2 घंटे 28 मिनट।
  • विशेष परिस्थिति: 3 मार्च को चंद्र ग्रहण का सूतक सुबह 9:00 बजे से लग जाएगा, इसलिए किसी भी परिस्थिति में 3 मार्च को होलिका दहन संभव नहीं है। अतः 2 मार्च की रात ‘भद्रा पुच्छ’ के समय ही दहन करना शास्त्र सम्मत होगा।
Holika Dahan Muhurat and Upay
Holika Dahan Muhurat and Upay

चंद्र ग्रहण का साया और रंगों वाली होली की तारीख

साल 2026 में होलिका दहन के अगले ही दिन यानी 3 मार्च को खंडग्रास चंद्र ग्रहण लग रहा है। यह ग्रहण शाम 6:00 बजे से 6:48 बजे तक रहेगा।

सावधान: ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले यानी 3 मार्च की सुबह 9:00 बजे से शुरू हो जाएगा। सूतक काल में कोई भी मांगलिक कार्य या पूजा-पाठ वर्जित होता है। इसी कारण स्नान-दान की पूर्णिमा तो 3 मार्च को होगी, लेकिन रंगों वाली होली (धुलेंडी) 4 मार्च को खेली जाएगी।

सुख-समृद्धि और आरोग्य के लिए होलिका दहन के गुप्त उपाय

होलिका दहन की रात को ‘सिद्धि की रात’ कहा जाता है। परंपरा के अनुसार, इस दिन किए गए कुछ विशेष उपाय जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाओं को दूर कर सकते हैं।

व्यापार और नौकरी में तरक्की के लिए

यदि आपका कारोबार मंदा चल रहा है या नौकरी में प्रमोशन रुका हुआ है, तो होलिका दहन की रात 21 गोमती चक्र लेकर शिवलिंग पर अर्पित करें। महादेव की कृपा से करियर के बंद रास्ते खुल जाएंगे।

कर्ज और धन हानि से मुक्ति

आर्थिक तंगी दूर करने के लिए होली के दिन घर के मुख्य द्वार पर थोड़ा सा गुलाल छिड़कें और वहां दोमुखी (दो बत्तियों वाला) दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय माँ लक्ष्मी का ध्यान करें, इससे धन का आगमन बढ़ता है।

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बीमारी और राहु दोष के निवारण हेतु

  • आरोग्य के लिए: बीमार व्यक्ति के हाथ में 4 गोमती चक्र देकर होलिका की परिक्रमा करवाएं, फिर 2 लौंग, पान के पत्ते और मिश्री अग्नि में डाल दें। बाद में उन गोमती चक्रों को बीमार व्यक्ति के बिस्तर के चारों कोनों पर रख दें।
  • राहु दोष के लिए: एक सूखे नारियल के गोले में अलसी का तेल और थोड़ा गुड़ भरकर जलती होलिका में डाल दें। यह राहु-केतु के दुष्प्रभावों को शांत करता है।

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