Gorakhpur Honey Trap Case: बर्थडे गर्ल से ‘लेडी डॉन’ तक, कैसे 5 साल में 150 लोगों को जाल में फंसाकर जेल पहुंची अंशिका सिंह
गोरखपुर की अंशिका सिंह पर हनी ट्रैप, सेक्स रैकेट और ब्लैकमेलिंग के आरोप। 150 लोगों को फंसाने का दावा, बर्थडे फायरिंग केस के बाद जेल।
Gorakhpur Honey Trap Case: गोरखपुर से सामने आया हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग का मामला इन दिनों पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। बर्थडे पार्टी में गोली चलने की घटना के बाद गिरफ्तार हुई अंशिका सिंह पर आरोप है कि उसने बीते पांच वर्षों में करीब 150 लोगों को प्रेम जाल में फंसाकर उनसे पैसे ऐंठे। पुलिस जांच में उसके नेटवर्क, कॉल डिटेल्स और लेन-देन की परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं।
5 साल, 150 लोग और हनी ट्रैप का पूरा खेल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अंशिका सिंह गोरखपुर के हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र की रहने वाली है। आरोप है कि वह पहले लोगों से सोशल मीडिया या व्यक्तिगत संपर्क के जरिए दोस्ती करती थी, फिर धीरे-धीरे उन्हें प्रेम जाल में फंसाती थी। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए अश्लील कंटेंट रिकॉर्ड कर लिया जाता और फिर शुरू होता था ब्लैकमेलिंग का खेल। बताया जा रहा है कि कई लोगों को झूठे रेप केस या पॉक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम वसूली गई। हालांकि, अब तक किसी पीड़ित ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, जो इस पूरे मामले को और रहस्यमय बनाता है।

किराए के मकान से शुरू हुआ सेक्स रैकेट का खुलासा
कुछ वर्ष पहले अंशिका सिंह संत कबीर नगर के खलीलाबाद में एक किराए के मकान में रहती थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वहीं से उसके सेक्स रैकेट की गतिविधियां शुरू हुईं। जब मकान मालकिन अंशिका पांडेय ने घर खाली करने को कहा, तो विवाद इतना बढ़ा कि मामला पुलिस और वकीलों तक पहुंच गया। मकान मालकिन ने दावा किया कि अंशिका को कुछ पुलिसकर्मियों का संरक्षण प्राप्त था और वह पूरी कोतवाली पर प्रभाव रखती थी। आरोप यहां तक लगे कि कई पुलिसकर्मी भी उसके हनी ट्रैप का शिकार हुए और उनसे वीडियो के जरिए पैसे वसूले गए।
बर्थडे पार्टी, रंगदारी और फायरिंग से हुई गिरफ्तारी
20 जनवरी 2026 को गोरखपुर में आयोजित एक बर्थडे पार्टी ने अंशिका सिंह की किस्मत बदल दी। एक निजी अस्पताल के मैनेजर विशाल मिश्रा से कथित तौर पर रंगदारी मांगने के दौरान विवाद हो गया। आरोप है कि अंशिका ने मैनेजर की कनपटी पर पिस्टल रख दी। झीना-झपटी के दौरान गोली चली, जिसमें मैनेजर के दोस्त को पेट में गोली लग गई। घायल को गंभीर हालत में एम्स गोरखपुर में भर्ती कराया गया। इसी घटना के बाद पुलिस ने अंशिका सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
एसपी सिटी अभिनव त्यागी के अनुसार, अंशिका सिंह पहले भी कई मामलों में संलिप्त रही है। अक्टूबर 2025 में दिल्ली से किराए पर ली गई थार गाड़ी वापस न करने, फर्जी नंबर प्लेट लगाने और धोखाधड़ी के मामले में उसके सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया था। इस केस के बाद अंशिका अंडरग्राउंड हो गई थी। अब पुलिस उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक ट्रांजैक्शन और सोशल मीडिया नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।



