“द्रवित विचारधाराएं देश को संकट में डाल सकती हैं” – वामपंथी सहयात्री रेगी लुकास बीजेपी में शामिल
केरल की राजनीति में बड़ा बदलाव। वामपंथी सहयात्री रेगी लुकास बीजेपी में शामिल। सीपीएम पर वैचारिक विचलन और विभाजन की राजनीति का आरोप। जानिए पूरा घटनाक्रम।
Reggie Lucas joins BJP: केरल की राजनीतिक सरगर्मियों के बीच एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। लंबे समय से वामपंथी विचारधारा के सहयात्री रहे रेगी लुकास ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। तिरुवनंतपुरम स्थित मारारजी भवन में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी के राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।

इस अवसर पर रेगी लुकास ने कहा कि आज के समय में देश को राजनीतिक युद्ध नहीं बल्कि वैचारिक स्पष्टता और विकास की दिशा की आवश्यकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुराने और द्रवित (भ्रमित) विचारों के साथ आगे बढ़ा गया, तो देश और राज्य दोनों को गंभीर संकटों का सामना करना पड़ सकता है।
“सीपीएम की वैचारिक भटकाव ने किया निराश” – रेगी लुकास
बीजेपी में शामिल होने के बाद रेगी लुकास ने खुलकर सीपीएम की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से सीपीएम केरल में वैचारिक विचलन और सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है, जो बेहद दुखद है।
रेगी लुकास के अनुसार, बीजेपी की राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा प्रस्तुत विकासवादी सोच और ‘विकसित केरल’ का विजन ही उन्हें पार्टी की ओर आकर्षित करने वाला मुख्य कारण रहा। उन्होंने कहा कि बीजेपी केवल सत्ता की राजनीति नहीं बल्कि भविष्य की राजनीति कर रही है, जिसमें युवाओं, रोजगार, बुनियादी ढांचे और समग्र विकास पर फोकस है।
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बीजेपी का दावा – ‘विकसित केरल’ को जनता का समर्थन
बीजेपी के राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने इस अवसर पर कहा कि हालिया स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे इस बात का संकेत हैं कि जनता बीजेपी के “विकसित केरल” के नारे को स्वीकार कर चुकी है। उन्होंने बताया कि आने वाले विधानसभा चुनावों में भी यही एजेंडा पार्टी का मुख्य मुद्दा रहेगा।
राजीव चंद्रशेखर ने यह भी घोषणा की कि बीजेपी के चुनावी अभियान का उद्घाटन करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जल्द ही केरल का दौरा करेंगे। इससे साफ संकेत मिलता है कि बीजेपी राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत करने की तैयारी में है।
सीपीएम की प्रतिक्रिया: “रेगी लुकास पार्टी के सदस्य नहीं थे”
इस पूरे घटनाक्रम पर सीपीएम ने भी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि रेगी लुकास सीपीएम के औपचारिक सदस्य नहीं थे। सीपीएम के कोट्टायम जिला सचिव टी. आर. रघुनाथ ने कहा कि पार्टी ने कभी भी रेगी लुकास को आधिकारिक प्रवक्ता या प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त नहीं किया था।
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उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि “एक राहगीर कहीं भी जा सकता है”, जिससे यह संकेत मिलता है कि सीपीएम इस घटनाक्रम को ज्यादा राजनीतिक महत्व देने के मूड में नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषण
रेगी लुकास का बीजेपी में शामिल होना केरल की राजनीति में वामपंथ से दक्षिणपंथ की ओर हो रहे वैचारिक बदलाव का एक और उदाहरण माना जा रहा है। ऐसे समय में जब बीजेपी राज्य में अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश कर रही है, यह घटनाक्रम आगामी चुनावों में अहम भूमिका निभा सकता है।



