Sudhir choudhary के खिलाफ कई गंभीर धाराओं पर दर्ज हुई F.I.R.
एफआईआर में कहा गया है कि आज तक चैनल के एंकर सुधीर चौधरी ने अपने खबर में कहा है कि हेमंत सोरेन को चार्टर प्लेन और सुविधायुक्त जिंदगी जीने की आदत लग गयी है।

पत्रकार सुधीर चौधरी (Sudhir Choudhary) के खिलाफ झारखंड पुलिस ने FIR दर्ज की है। चौधरी पर आरोप हैं कि उन्होंने न्यूज चैनल पर एक कार्यक्रम के दौरान झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ अपमान जनक और निम्न स्तर की भाषा का प्रयोग किया है।
जिसके बाद’ चौधरी के खिलाफ ST SC एक्ट समेत भारतीय दंड संहिता यानी IPC की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मनुस्ट्रीम मीडिया ये सोचता कि एससी, एसटी, ओबीसी नेताओं को भिखारी की ही जिंदगी जीना चाहिए उन्हें प्लेन या कार में नहीं बैठना चाहिए बल्कि जंगल में चाहिए। सुधीर चौधरी के खिलाफ SC-ST एक्ट में देशभर में हज़ारों मुकदमें होने चाहिए। इस सोच को अवश्य दंड मिलना चाहिए।#ArrestSudhirChaudhary pic.twitter.com/EkyvfXK6LO
— Hansraj Meena (@HansrajMeena) February 2, 2024
एफआईआर में कहा गया है कि आज तक चैनल के एंकर सुधीर चौधरी ने अपने खबर में कहा है कि हेमंत सोरेन को चार्टर प्लेन और सुविधायुक्त जिंदगी जीने की आदत लग गयी है पर सीएम पद के जाने के बाद हालात बदल गए हैं। अब उन्हें जंगल में आदिवासी की तरह रहना पड़ेगा। जैसा वे 30-40 साल पहले रहा करते थे। उनके लिए यह काफी मुश्किल होगा। आदिवासी समाज को एवं माननीय पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बारे में हिंदी न्यूज चैनल आज तक के प्राइम टाइम के कार्यक्रम के एंकर सुधीर चौधरी द्वारा अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी किया गया। कहा गया कि यह प्रतीत होता है की सुधीर चौधरी जातीय विद्वेष से ग्रसित एक व्यक्ति , जिनकी नजर में आदिवासियों का मतलब पिछड़ापन और जंगली होता है।

उनके इस अभद्र टिप्पणी से पूरा आदिवासी समाज आहत है। हम लोग उनको बताना चाहते हैं की आदिवासी समाज जंगली नहीं है। आज देश की प्रथम महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हैं, जो देश के पूरे ज्यूडिशल सिस्टम कि अभिभावक भी हैं। ऐसे में सुधीर चौधरी जी के द्वारा आदिवासी को जंगली बताना निहायत जातिवाद से ग्रस्त और ऊँच-नीच की भावना से प्रेरित मालूम पड़ता है। उनके इस शर्मनाक बयान से पूरा आदिवासी समाज आहत है, आक्रोशित है और आदिवासी समाज को नीचा दिखाने की उनकी इस मंशा का संवैधानिक और लोकतांत्रिक रूप से विरोध करते हैं। एवं सुधीर चौधरी जी के ऊपर एसटी / एससी एट्रोसिटी प्रीवेंशन एक्ट 1989 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाए तथा अविलंब उनको गिरफ्तार कर आदिवासी समाज को न्याय दिया जाए मौके पर आदिवासी सेना के महानगर अध्यक्ष अजित लकड़ा, अमरनाथ लकड़ा, आकाश तिर्की, पंकज भगत, नितिन तिर्की, मुंन्ना तिरकी, आकाश बड़ा, अनूप लकड़ा, निशांत खलखो, उत्तम सांगा एवं अन्य युवा उपस्थित रहे।


