कांग्रेस का चला भितरघातियों पर चाबुक,79 को किया निष्कासित
सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि भितरघात और बगावत करने वाले 79 नेताओं के निष्कासन पर हमने मुहर लगा दी है।

मध्यप्रदेश में इस साल हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के खाते में सिर्फ 66 सीटें ही आईं जिसके बाद इतनी बुरी तरह से हार को लेकर पार्टी के अंदर मंथन हुआ और नतीजा ये निकला कि बड़े पैमाने पर कांग्रेस पार्टी के कई बड़े-छोटे नेताओं ने पार्टी के खिलाफ भितरघात और बगावत की. जिसकी वजह से कांग्रेस पार्टी चारो खाने चित्त हो गई और मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते बनते रह गई।
एमपी में कांग्रेस ने 79 नेताओं को किया निष्कासित,150 को नोटिस जारी, 10 दिन में मांगा जवाब!विधानसभा चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया है। pic.twitter.com/vDotdMJvuS
— neeraj tiwari (@neeraj693) January 19, 2024
वहीं पार्टी की अनुशासन समिति की मीटिंग के बाद कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि पार्टी के अंदर भितरघात को लेकर पूरे प्रदेश से करीब 150 शिकायतें मिली थी। इस पर तीन दिनों से पार्टी के अंदर चर्चा चल रही थी। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि भितरघात और बगावत करने वाले 79 नेताओं के निष्कासन पर हमने मुहर लगा दी है।उन्होंने कहा कि इसके अलावा अन्य नेताओं को हमने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें 10 दिन के अंदर अपना जवाब आलाकमान के सामने देना है। अगर शिकायत के आधार पर उनका जवाब नहीं आया तो हम कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे। इसके बाद आगे भी यह कार्रवाई होती रहेगी। उन्होंने कहा कि निष्कासित लोगों ने कांग्रेस प्रत्याशी को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बागियों की मदद पहुंचाने वाले नेताओं पर भी कार्रवाई की जाएगी।
जाहिर हो कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस कई जगहों पर भितरघात और बगावत की वजह से हार गई है। साथ ही पार्टी के दिग्गज नेता भी चुनाव हार गए। इसके बाद से ही ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई जा रही थी। जीतू पटवारी के अध्यक्ष बनते ही ऐसे लोगों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। अनुशासन समिति ने ऐसे सभी शिकायतों पर चर्चा करके तगड़ा एक्शन लिया है।


