Teonthar:-कांग्रेस से भितरघात करने पर त्यौंथर के 17 नेता निष्कासित
कौशलेश द्विवेदी,रावेंद्र तिवारी समेत 17 नेताओं को अपनी ही पार्टी के साथ भितरघात करने पर कांग्रेस ने 6 सालों के लिए निष्कासित कर दिया है।

मध्यप्रदेश में इस साल हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के खाते में सिर्फ 66 सीटें ही आईं जिसके बाद इतनी बुरी तरह से हार को लेकर पार्टी के अंदर मंथन हुआ और नतीजा ये निकला कि बड़े पैमाने पर कांग्रेस पार्टी के कई बड़े-छोटे नेताओं ने पार्टी के खिलाफ भितरघात और बगावत की. जिसकी वजह से कांग्रेस पार्टी चारो खाने चित्त हो गई और मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते बनते रह गई।
कांग्रेस से भितरघात करने पर रीवा जिले के त्यौंथर विधानसभा के 17 नेता निष्कासित
इसमें युवा कांग्रेस नेता रावेंद्र तिवारी का भी नाम शामिल.. pic.twitter.com/YoRoek68hg— neeraj tiwari (@neeraj693) January 19, 2024
इन सबके बीच अब कांग्रेस की अनुशासन समिति का चाबुक भितरघातियों पर चल गया है और इसका नतीजा ये रहा कि रीवा से त्यौंथर विधानसभा के युवा कांग्रेस नेता रावेंद्र तिवारी समेत 17 नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
दरअसल यदि रीवा संभाग की बात की जाए तो चुनाव के पहले रीवा की त्यौंथर विधानसभा सीट कांग्रेस के लिए सबसे सेफ मानी जा रही थी हालांकि ऐन वक्त पर कांग्रेस नेता सिद्धार्थ तिवारी के भाजपा में चले जाने के बाद कई कांग्रेस नेताओं ने पार्टी के साथ भितरघात कर दिया और पीठ पीछे भाजपा को समर्थन दे दिया जिसका नतीजा ये रहा कि रमाशंकर पटेल करीबी मुकाबले में हार गए हालांकि अब पार्टी ने इन सभी भितरघातियों पर एक्शन लेते हुए इनका बोरिया बिस्तरा बांध दिया है और पार्टी से 6 साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया है।वहीं पार्टी की अनुशासन समिति की मीटिंग के बाद कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि पार्टी के अंदर भितरघात को लेकर पूरे प्रदेश से करीब 150 शिकायतें मिली थी। इस पर तीन दिनों से पार्टी के अंदर चर्चा चल रही थी। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि भितरघात और बगावत करने वाले 79 नेताओं के निष्कासन पर हमने मुहर लगा दी है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा अन्य नेताओं को हमने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें 10 दिन के अंदर अपना जवाब आलाकमान के सामने देना है। अगर शिकायत के आधार पर उनका जवाब नहीं आया तो हम कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे। इसके बाद आगे भी यह कार्रवाई होती रहेगी। उन्होंने कहा कि निष्कासित लोगों ने कांग्रेस प्रत्याशी को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बागियों की मदद पहुंचाने वाले नेताओं पर भी कार्रवाई की जाएगी।
जाहिर हो कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस कई जगहों पर भितरघात और बगावत की वजह से हार गई है। साथ ही पार्टी के दिग्गज नेता भी चुनाव हार गए। इसके बाद से ही ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई जा रही थी। जीतू पटवारी के अध्यक्ष बनते ही ऐसे लोगों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। अनुशासन समिति ने ऐसे सभी शिकायतों पर चर्चा करके तगड़ा एक्शन लिया है।


