Chinese कंपनियों पर प्रतिबंध हटने की आहट से BHEL, ABB, Siemens और L&T के शेयरों में भारी गिरावट, जानिए पूरी वजह
Chinese कंपनियों पर प्रतिबंध हटने की खबर से BHEL, ABB, Siemens और L&T के शेयरों में 12% तक गिरावट। जानिए Capital Goods Stocks में गिरावट की पूरी वजह।
Reasons For The Decline In BHEL And Capital Goods Stocks: गुरुवार, 8 जनवरी, को भारतीय शेयर बाजार में Capital Goods सेक्टर में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली।

Bharat Heavy Electricals Ltd. (BHEL), ABB India, Siemens India और Larsen & Toubro (L&T) जैसे दिग्गज शेयरों में 2% से लेकर 12% तक की गिरावट दर्ज की गई। इस अचानक आई गिरावट के पीछे एक बड़ी नीतिगत (Policy) खबर को जिम्मेदार माना जा रहा है।
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BHEL को सबसे बड़ा झटका
इस गिरावट में सबसे ज्यादा असर BHEL के शेयरों पर पड़ा, जो एक समय 12% तक टूट गया, हालांकि बाद में हल्की रिकवरी के साथ यह 9% की गिरावट पर बंद हुआ। यह 4 जून 2024 के बाद BHEL का सबसे खराब सिंगल-डे परफॉर्मेंस रहा, जब लोकसभा चुनाव नतीजों के दिन शेयर में 21% की गिरावट आई थी।
Reuters Report ने बढ़ाई चिंता
Reuters की एक रिपोर्ट, जिसमें सरकारी सूत्रों का हवाला दिया गया है, के अनुसार भारत का वित्त मंत्रालय एक पांच साल पुराने प्रतिबंध को हटाने की योजना बना रहा है। यह प्रतिबंध 2020 में गलवान घाटी संघर्ष के बाद लगाया गया था, जिसके तहत Chinese कंपनियों को Government Contracts में बोली लगाने से पहले विशेष सुरक्षा और राजनीतिक मंजूरी लेनी होती थी।
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Capital Goods कंपनियों पर असर क्यों?
यदि ये पाबंदियां हटाई जाती हैं, तो Chinese कंपनियां सस्ती कीमतों पर बोली लगाकर भारतीय कंपनियों को कड़ी प्रतिस्पर्धा दे सकती हैं। इसका सीधा असर उन घरेलू कंपनियों पर पड़ेगा जो Power Equipment, Infrastructure और Heavy Engineering सेक्टर में काम कर रही हैं।
Power Sector Expansion बना कारण
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि China से Power Equipment आयात पर लगी पाबंदियों के चलते भारत की Thermal Power Capacity बढ़ाने की योजना प्रभावित हो रही है। सरकार अगले 10 वर्षों में Thermal Capacity को लगभग 307 GW तक ले जाने का लक्ष्य रखती है, लेकिन मौजूदा प्रतिबंध इसमें बाधा बन रहे हैं।
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High-Level Committee की सिफारिश
पूर्व कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली एक High-Level Committee ने भी इन प्रतिबंधों में ढील देने की सिफारिश की है। कमेटी का मानना है कि इससे Project Cost घटेगी और Infrastructure Development को रफ्तार मिलेगी। हालांकि, CNBC-TV18 ने इस खबर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है, लेकिन बाजार ने इसे पहले ही Negative Trigger के रूप में ले लिया।
अन्य शेयरों का हाल
- ABB India: 5% की गिरावट
- Siemens India: 4.2% नीचे
- Larsen & Toubro (L&T): 2.7% की कमजोरी
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निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट Short-Term Sentiment Driven है। यदि सरकार वास्तव में नीति में बदलाव करती है, तो Margin Pressure और Order Inflow पर असर पड़ सकता है। हालांकि, लंबी अवधि में मजबूत कंपनियां इस चुनौती से उबर सकती हैं।



