बजट या ‘विकास का महामार्ग’? पीएम मोदी बोले- रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार भारत अब बनेगा तीसरी सबसे बड़ी शक्ति!
पीएम मोदी ने बजट को बताया ऐतिहासिक! जानें कैसे 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार भारत बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था। MSME, युवाओं और महिलाओं के लिए बड़े ऐलान।
PM Modi Described The Budget As Historic: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) द्वारा संसद में पेश किए गए बजट ने देश के आर्थिक भविष्य की एक नई तस्वीर पेश की है। इस बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने इसे मात्र एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि “ऐतिहासिक बजट” करार दिया है। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि आज का भारत अब ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार हो चुका है, जो इसे विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से ले जाएगा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बजट देश की नारी शक्ति, युवाओं और मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। आइए जानते हैं पीएम मोदी के संबोधन की 3 सबसे बड़ी बातें जिन्होंने इस बजट को ‘पाथ-ब्रेकिंग’ बना दिया है।
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी नई उड़ान: MSME और युवाओं के लिए खुला आसमान (Self-reliant India will take a new leap: The sky is the limit for MSMEs and the youth)
प्रधानमंत्री मोदी ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि इसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को व्यापक समर्थन दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारत के टैलेंटेड युवाओं के पास अब उड़ने के लिए खुला आसमान है। बजट में किए गए ‘पाथ ब्रेकिंग रिफॉर्म्स’ का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बने रहना नहीं है, बल्कि जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल करना है। यह 1.4 अरब भारतीयों का संकल्प है, जिसे यह बजट पूरा करने की शक्ति रखता है।

रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म: ग्लोबल रोल में भारत की धमक (Reform, Perform, and Transform: India’s growing influence in its global role)
पीएम मोदी के अनुसार, यह बजट भारत की वैश्विक भूमिका को और अधिक मजबूती प्रदान करता है। आज दुनिया भारत को एक ‘ट्रस्टेड डेमोक्रेटिक पार्टनर’ और एक विश्वसनीय क्वालिटी सप्लायर के रूप में देख रही है। बजट की खास विशेषताएं जो पीएम ने रेखांकित कीं:
- संतुलित आर्थिक ढांचा (Balanced economic structure): बजट में राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को कम करने और महंगाई पर नियंत्रण पाने को प्राथमिकता दी गई है।
- पूंजीगत व्यय (Capex): बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर और आर्थिक विकास के बीच एक सटीक संतुलन बिठाया गया है।
- इंसान-केंद्रित गवर्नेंस: यह बजट भरोसे पर आधारित शासन और मानव-केंद्रित आर्थिक ढांचे के विजन को धरातल पर उतारता है।
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‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ का लाभ और मेक इन इंडिया की नई रफ्तार (The benefits of the ‘Mother of All Deals’ and the new momentum of Make in India)
प्रधानमंत्री ने हाल ही में यूरोपीय यूनियन और अन्य देशों के साथ हुए व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताया। उन्होंने कहा कि इन ट्रेड डील्स का अधिकतम लाभ भारत के छोटे उद्योगों और युवाओं को मिले, इसके लिए बजट में विशेष रोडमैप तैयार किया गया है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को इस बजट से एक नई ऊर्जा मिलेगी। नई उभरती इंडस्ट्रीज (Sun-rise Sectors) को जिस तरह का अभूतपूर्व समर्थन दिया गया है, वह भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि यह बजट बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को आधुनिक बनाने के साथ-साथ रोजगार के करोड़ों नए अवसर पैदा करेगा।



