इंसान बना ‘कुत्ता’! लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर काटने लगा युवक, वजह जानकर डॉक्टरों के भी उड़े होश
गुजरात के पालनपुर में एक युवक ने कुत्ते की तरह काटना शुरू किया। जानें क्या है यह खतरनाक बीमारी, इसके लक्षण और कुत्ते के काटने के बाद तुरंत क्या करना चाहिए।
Rabies symptoms in Hindi: गुजरात के पालनपुर (Palanpur, Gujarat) से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। यहां एक 27 वर्षीय युवक अचानक इंसानी व्यवहार भूलकर कुत्तों की तरह हरकतें करने लगा। वह न सिर्फ अजीब आवाजें निकाल रहा था, बल्कि सामने आने वाले लोगों को कुत्ते की तरह काटने की कोशिश भी कर रहा था। जब उसे अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने जो खुलासा किया वह समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
साबरकांठा (Sabarkantha) के युवक में दिखे रेबीज के खौफनाक लक्षण
यह मामला साबरकांठा (Sabarkantha) के रहने वाले देवाभाई का है, जो वर्तमान में पालनपुर में रह रहे थे। कुछ समय पहले देवाभाई को एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था। उस वक्त घाव गहरा न होने के कारण परिवार और युवक ने इसे सामान्य घटना समझकर नजरअंदाज कर दिया। यही छोटी सी चूक आज युवक की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। कुछ दिनों बाद अचानक देवाभाई के व्यवहार में बदलाव आने लगा। वे हिंसक हो गए और लोगों पर हमला करने लगे। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि परिजनों को उन्हें काबू करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद डॉक्टरों ने पुष्टि की कि यह रेबीज के लक्षण और बचाव की कमी का परिणाम है।

हाइड्रोफोबिया (Hydrophobia): जब पानी के नाम से ही कांपने लगा मरीज
पालनपुर सिविल अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर सुनील जोशी के अनुसार, मरीज में हाइड्रोफोबिया (Hydrophobia) के स्पष्ट लक्षण देखे गए हैं। हाइड्रोफोबिया रेबीज की वह अवस्था है जिसमें मरीज पानी देखने या पीने के नाम से ही बुरी तरह डरने लगता है। उसके गले की मांसपेशियों में इतना दर्दनाक खिंचाव होता है कि वह चाहकर भी तरल पदार्थ नहीं निगल पाता। युवक की आक्रामकता को देखते हुए डॉक्टरों ने एहतियातन उसके हाथ-पैर बांधकर इलाज शुरू किया है, ताकि वह खुद को या अस्पताल के स्टाफ को नुकसान न पहुंचा सके। डॉक्टर लगातार उसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं, लेकिन रेबीज का संक्रमण दिमाग तक पहुंचने के बाद स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
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कुत्ते के काटने पर कभी न करें ये गलती, डॉक्टर की सलाह
इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि रेबीज एक न्यूरोट्रोपिक (Neurotropic) वायरस है जो सीधे नर्वस सिस्टम पर हमला करता है। रेबीज के लक्षण और बचाव को लेकर डॉक्टर सुनील जोशी ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:
- तुरंत टीकाकरण (Immediate vaccination): कुत्ते, बिल्ली या बंदर के काटने के तुरंत बाद एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) लगवाना अनिवार्य है।
- घाव की सफाई (Wound cleaning): काटने वाली जगह को तुरंत बहते पानी और साबुन से कम से कम 10-15 मिनट तक धोएं।
- घरेलू नुस्खों से बचें (Avoid home remedies): घाव पर मिर्च, तेल या हल्दी लगाने जैसी गलती न करें, इससे संक्रमण बढ़ सकता है।
- अवधि का ध्यान (Pay attention to the duration): कुत्ता काटने के 24 घंटे के भीतर पहला इंजेक्शन लग जाना चाहिए।
अगर आपके आसपास किसी को भी आवारा जानवर काटता है, तो उसे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं और वैक्सीन का कोर्स पूरा करवाएं।



