हर की पौड़ी पर ‘शेख’ बनकर वीडियो बनाना पड़ा भारी, यूट्यूब व्यूज के चक्कर में दो युवक पुलिस के शिकंजे में

हरिद्वार की हर की पौड़ी पर अरबी शेख बनकर घूम रहे दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया। यूट्यूब व्यूज के लिए की गई इस हरकत से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। जानिए पूरा मामला।

Haridwar News: उत्तराखंड के धार्मिक नगरी हरिद्वार (Haridwar) से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएशन की सीमाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां हर की पौड़ी (Har Ki Pauri) जैसे पवित्र स्थल पर खुद को अरब का शेख बताकर घूम रहे दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। आरोप है कि दोनों युवक यूट्यूब पर व्यूज और लाइक्स बढ़ाने के लिए धार्मिक स्थल पर आपत्तिजनक तरीके से वीडियो बना रहे थे।

यूट्यूब व्यूज के लिए हर की पौड़ी (Har Ki Pauri) पर अरबी वेशभूषा में पहुंचे युवक

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना 13 जनवरी की है, जब दो युवक हरिद्वार (Haridwar) के प्रसिद्ध गंगा घाट हर की पौड़ी (Har Ki Pauri) क्षेत्र में अरबी पोशाक पहनकर घूमते नजर आए। दोनों खुद को “अरब का शेख” बता रहे थे और लगातार मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। स्थानीय लोगों और वहां मौजूद पंडितों ने जब इस पर आपत्ति जताई और उन्हें इस तरह की वेशभूषा में घाट पर आने से रोका, तो युवकों ने कथित तौर पर कहा, “भारत में कहीं भी घूम सकते हैं।” इस बयान के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। मामला बढ़ता देख दोनों युवक कपड़े बदलकर वहां से निकल गए, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दे दी।

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CCTV फुटेज से हुई पहचान, रावली महदूद (Rawali Mahdood) से हिरासत में लिए गए

सूचना मिलने के बाद हरिद्वार (Haridwar) SSP के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस ने हर की पौड़ी (Har Ki Pauri) और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि दोनों युवक रावली महदूद (Rawali Mahdood), सिडकुल (Sidcul) क्षेत्र में रह रहे हैं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए कोतवाली नगर लाया गया। पूछताछ में उनकी पहचान नवीन कुमार (Naveen Kumar) (22 वर्ष) और प्रिंस (Prince) (22 वर्ष) के रूप में हुई।

पहले भी बना चुके हैं अलग-अलग वेशभूषा में वीडियो

पुलिस पूछताछ में दोनों युवकों ने स्वीकार किया कि उनका एक यूट्यूब (YouTube) चैनल है, जिस पर वे इस तरह के वीडियो अपलोड करते हैं। इससे पहले भी वे पेंटागन मॉल (Pentagon Mall) और शिवालिक (Shivalik) नगर जैसे इलाकों में अलग-अलग वेशभूषा पहनकर वीडियो बना चुके हैं। उनका कहना था कि इन वीडियो को सोशल मीडिया (Social media) पर अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिससे उत्साहित होकर उन्होंने हर की पौड़ी जैसे संवेदनशील धार्मिक स्थल पर भी कंटेंट शूट करने का फैसला किया। हालांकि, पूछताछ के दौरान दोनों ने यह भी माना कि उनकी इस हरकत से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।

पुलिस की कार्रवाई और चेतावनी (Police action and warnings)

पुलिस ने दोनों युवकों के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की। साथ ही उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए भविष्य में इस तरह की गतिविधियों से दूर रहने को कहा गया। नवीन और प्रिंस (Naveen and Prince) ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पुलिस और स्थानीय लोगों से माफी मांगी और आश्वासन दिया कि वे आगे से किसी भी धार्मिक स्थल पर इस तरह का वीडियो नहीं बनाएंगे।

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सोशल मीडिया (Social media) कंटेंट और धार्मिक संवेदनशीलता पर सवाल

यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सोशल मीडिया (Social media) पर वायरल होने की होड़ किस हद तक लोगों को गैर-जिम्मेदार बना रही है। धार्मिक स्थलों की गरिमा और आस्था का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। हरिद्वार (Haridwar) जैसे पवित्र शहर में इस तरह की घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देती हैं।

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